इंदौर | शुक्रवार, 8 मई 2026
यह कहानी साल 2012 में शुरू हुई थी, जब इंदौर की एक होनहार बीबिए छात्रा की मुलाकात फेसबुक पर नवीन राणा नाम के एक युवक से हुई। पीड़िता को अंदाजा भी नहीं था कि जिसे वह अपना हमसफर मान रही है, वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। नवीन ने खुद को हिंदू बताया और शादी का झांसा देकर उसे दिल्ली बुला लिया। दिल्ली पहुँचते ही छात्रा का मोबाइल छीन लिया गया और उसे मुजफ्फरनगर के एक मदरसे में भेज दिया गया। यहीं से उसे पता चला कि नवीन का असली नाम नावेद है।
मदरसों में 14 साल का नरक और जबरन धर्मांतरण
पीड़िता के अनुसार, उसे एक शहर से दूसरे शहर के मदरसों (मेरठ, मुजफ्फरनगर, जयपुर) में शिफ्ट किया जाता रहा।
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धार्मिक दबाव: छात्रा का आरोप है कि उसे सुबह 4 बजे उठाकर नमाज पढ़ने और कुरान सीखने के लिए मजबूर किया जाता था। मना करने पर उसे भूखा रखा जाता और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी।
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पहचान मिटाने की कोशिश: ब्राह्मण परिवार से होने के बावजूद उसे जबरन मांसाहार खिलाया गया। मदरसे में अन्य हिंदू लड़कियां भी थीं, लेकिन किसी को भी आपस में बात करने की अनुमति नहीं थी।
निकाह और हलाला का अंतहीन चक्र
पीड़िता ने अपनी आपबीती में बताया कि उसके साथ कई निकाह किए गए और उसे ‘हलाला’ जैसी कुप्रथाओं का शिकार बनाया गया:
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अब्दुल रहमान: पहला निकाह उम्रदराज अब्दुल रहमान से कराया गया, जिसने मानसिक और शारीरिक टॉर्चर किया।
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मुदस्सिर पठान: इसके बाद उसका निकाह मुदस्सिर से हुआ, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई।
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खालिद हुसैन: 2021 में लोनी (गाजियाबाद) के खालिद ने खुद को कुंवारा बताकर निकाह किया। जब पीड़िता को उसके पहले से शादीशुदा होने का पता चला, तो खालिद ने उसे तलाक दे दिया। पीड़िता का आरोप है कि दोबारा साथ रहने के नाम पर खालिद ने अपने जीजा के साथ उसका हलाला करवाया।
पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
गाजियाबाद की लोनी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ रेप, जान से मारने की धमकी और प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब उन अन्य लोगों और संस्थाओं की जांच कर रही है जिन्होंने इस 14 साल लंबे शोषण के नेटवर्क में भूमिका निभाई।
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