मुंबई । रविवार, 10 मई 2026
महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक नामी आईटी कंपनी (TCS) में हुए कथित धर्मांतरण और यौन शोषण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटनाक्रम में, छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम (CSMC) ने उस आवास को अवैध घोषित कर दिया है जहाँ निदा खान गिरफ्तारी से पहले छिपी हुई थी। प्रशासन ने मकान पर नोटिस चस्पा कर स्पष्ट किया है कि यदि 3 दिन के भीतर अवैध हिस्सा नहीं हटाया गया, तो उसे ध्वस्त कर दिया जाएगा।
मतीन पटेल और राजनीतिक कनेक्शन की जांच
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि फरार रहने के दौरान निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कौसर कॉलोनी में मतीन पटेल नामक व्यक्ति ने आश्रय दिलाया था। मतीन पटेल, जो कथित तौर पर ओवैसी की पार्टी AIMIM से जुड़े बताए जा रहे हैं, पुलिस की रडार पर हैं। पुलिस ने उन्हें भी इस मामले में सह-आरोपी बनाया है।
मकान मालिक हनीफ खान और सैयद सरवर का कहना है कि उन्हें निदा की गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी, हालांकि प्रशासन अब उनके दस्तावेजों की भी गहनता से जांच कर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 25 मार्च 2026 को तब सुर्खियों में आया जब नासिक की एक आईटी कंपनी में कार्यरत हिंदू युवतियों ने धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और यौन प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए।
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आरोप: मुख्य आरोपी निदा खान पर आरोप है कि उसने युवतियों का ‘ब्रेनवॉश’ किया, उन्हें नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और धार्मिक साहित्य पढ़ने के लिए मजबूर किया।
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गिरफ्तारी: निदा पिछले 20-25 दिनों से फरार थी। नासिक पुलिस की 20 जवानों की टीम ने सादे कपड़ों में घेराबंदी कर उसे छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया।
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कोर्ट अपडेट: निदा खान वर्तमान में 11 मई तक पुलिस हिरासत में है। कोर्ट में यह भी जानकारी दी गई कि वह गर्भवती है, जिसके आधार पर उसे कुछ मानवीय राहतें दी गई हैं।
प्रशासनिक कार्रवाई
नगर निगम की इस कार्रवाई को केवल एक ‘अवैध निर्माण’ का मामला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे अपराधियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। मतीन पटेल के कार्यालय और अन्य संपत्तियों की भी जांच की जा रही है कि क्या वे भी नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई हैं।
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