इस्लामाबाद. क्रिकेट जगत में एक बार फिर लीग्स के बीच वर्चस्व की जंग तेज हो गई है। जिम्बाब्वे के घातक तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी के एक फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के गलियारों में खलबली मचा दी है। मुजरबानी ने पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में इस्लामाबाद यूनाइटेड के साथ अपना अनुबंध (Contract) तोड़कर अचानक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) से जुड़ने का फैसला किया है।
मुजरबानी ने क्यों छोड़ा इस्लामाबाद यूनाइटेड का साथ?
मुजरबानी को इस्लामाबाद यूनाइटेड ने वेस्टइंडीज के शमर जोसेफ के विकल्प के तौर पर अपनी टीम में शामिल किया था। लेकिन जैसे ही आईपीएल की नीलामी और रिप्लेसमेंट विंडो सक्रिय हुई, मुजरबानी ने केकेआर के आकर्षक ऑफर को प्राथमिकता दी। सूत्रों के अनुसार, मुजरबानी को केकेआर ने अपने मुख्य तेज गेंदबाजों की चोट के कारण बैकअप के तौर पर टीम में शामिल किया है।
PCB की कानूनी तैयारी: क्या होगा अगला कदम?
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है। पीसीबी के उच्च पदस्थ अधिकारियों का मानना है कि इस तरह से बीच टूर्नामेंट में अनुबंध तोड़ना लीग की छवि को नुकसान पहुंचाता है।
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कानूनी नोटिस: पीसीबी मुजरबानी और उनके एजेंट को अनुबंध उल्लंघन (Breach of Contract) का नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
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एक साल का प्रतिबंध: पिछले साल दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी कॉर्बिन बॉश ने भी ऐसा ही किया था, जिसके बाद पीसीबी ने उन पर एक सीजन का प्रतिबंध लगा दिया था। मुजरबानी पर भी इसी तरह की कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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मुआवजे की मांग: बोर्ड इस्लामाबाद यूनाइटेड को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मुजरबानी से वित्तीय जुर्माने की मांग भी कर सकता है।
IPL और PSL के बीच बढ़ती ‘खिलाड़ी जंग’
यह पहली बार नहीं है जब किसी खिलाड़ी ने पीएसएल के ऊपर आईपीएल को चुना हो। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि आईपीएल का विशाल मंच, बड़ा वित्तीय लाभ और वैश्विक पहुंच खिलाड़ियों को आकर्षित करती है।
| खिलाड़ी | पिछला मामला | परिणाम |
| कॉर्बिन बॉश | PSL छोड़ मुंबई इंडियंस (MI) गए | 1 साल का PSL प्रतिबंध |
| ब्लेसिंग मुजरबानी | PSL छोड़ KKR पहुंचे | कानूनी कार्रवाई प्रक्रिया में |
मुजरबानी का फॉर्म और KKR की रणनीति
मुजरबानी इस समय अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उनकी $200$ सेमी से अधिक की लंबाई और $145$ किमी/घंटा की रफ्तार उन्हें टी20 फॉर्मेट में बेहद खतरनाक बनाती है। केकेआर के मेंटर और कोचिंग स्टाफ का मानना है कि मुजरबानी ईडन गार्डन्स की पिच पर अपनी अतिरिक्त उछाल से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सकते हैं।
विशेषज्ञ की राय: “अगर खिलाड़ी इसी तरह बीच सीजन में कॉन्ट्रैक्ट तोड़ते रहेंगे, तो फ्रेंचाइजी क्रिकेट का ढांचा कमजोर होगा। आईसीसी (ICC) को इन लीग्स के लिए एक फिक्स्ड विंडो और सख्त ट्रांसफर नियम बनाने की जरूरत है।”
क्या मुजरबानी को मिलेगी खेलने की अनुमति?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पीसीबी के विरोध के बावजूद मुजरबानी आईपीएल में खेल पाएंगे? आमतौर पर, बीसीसीआई (BCCI) ऐसे मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता जब तक कि संबंधित खिलाड़ी के पास अपने घरेलू बोर्ड (जिम्बाब्वे क्रिकेट) की एनओसी (NOC) हो। यदि जिम्बाब्वे क्रिकेट ने उन्हें अनुमति दे दी है, तो पीसीबी के पास केवल कानूनी रास्ते ही बचते हैं।
आने वाले कुछ दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आईपीएल प्रबंधन इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी करता है या मुजरबानी सीधे केकेआर की जर्सी में मैदान पर नजर आते हैं।
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