चंडीगढ़. पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपना सबसे बड़ा चुनावी बिगुल फूंक दिया है। मोगा के किल्ली चहला में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए, बल्कि राज्य की दिशा बदलने के लिए कई ऐतिहासिक वादे भी किए।
केसरी पगड़ी पहने अमित शाह का अंदाज आज पूरी तरह से आक्रामक रहा, जिससे यह साफ हो गया है कि भाजपा इस बार पंजाब में ‘बैकफुट’ पर नहीं बल्कि ‘फ्रंटफुट’ पर खेलने के लिए तैयार है।
1. पहला कैबिनेट फैसला: धर्मांतरण विरोधी कानून
शाह ने रैली में सबसे बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि यदि पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो पहला बिल धर्मांतरण के खिलाफ लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए यह सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
“हम पंजाब की पवित्र धरती पर जबरन धर्मांतरण का खेल नहीं चलने देंगे। यह हमारा संकल्प है।” – अमित शाह
2. ‘नशामुक्त पंजाब’ का 2 साल का रोडमैप
नशे की समस्या पर बोलते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा जुमलों की नहीं, काम की राजनीति करती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार आने के महज 2 साल के भीतर पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त कर दिया जाएगा। इसके लिए केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर एक विशेष ‘एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स’ के जरिए काम करेंगी।
3. नक्सलवाद और अनुच्छेद 370 का दिया हवाला
अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए शाह ने जनता को याद दिलाया कि भाजपा जो कहती है, वो करती है। उन्होंने कहा:
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अनुच्छेद 370: कश्मीर से इसे हटाकर आतंकवाद की कमर तोड़ी गई।
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नक्सलवाद: देश में जो नक्सलवाद कभी बड़ा खतरा था, वह अब केवल 7 जिलों तक सिमट गया है और जल्द ही भारत नक्सलवाद मुक्त होगा।
4. भगवंत मान और केजरीवाल पर सीधा हमला
पंजाब की वर्तमान आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने तीखे शब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को अरविंद केजरीवाल का “पायलट” करार दिया।
प्रमुख आरोप:
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दिल्ली का रिमोट कंट्रोल: शाह ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने दिल्ली से चार ‘सूबेदार’ पंजाब में बिठा रखे हैं, जो राज्य के प्रशासनिक निर्णयों में हस्तक्षेप करते हैं।
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पैसे की लूट: उन्होंने दावा किया कि पंजाब का पैसा लूटकर दिल्ली ले जाया जा रहा है और राज्य कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है।
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भ्रष्टाचार: ‘आप’ सरकार को भ्रष्टाचार में डूबी हुई सरकार बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विकास पूरी तरह ठप है।
पंजाब का चुनावी समीकरण: अब क्या होगा?
अमित शाह के इस दौरे ने पंजाब की राजनीति में हलचल मचा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा अब सिखों और हिंदुओं के बीच एक साझा एजेंडा (सुरक्षा, नशा मुक्ति और धार्मिक संरक्षण) तैयार कर रही है।
क्या भाजपा का यह ‘सख्त चेहरा’ पंजाब के वोटरों को रिझा पाएगा? यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन मोगा की रैली ने मुकाबले को त्रिकोणीय से भी अधिक दिलचस्प बना दिया है।
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