तेहरान | रविवार, 19 अप्रैल, 2026
ईरानी सैन्य कमान (Khatam al-Anbiya) ने शनिवार देर रात एक आपातकालीन घोषणा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से बंद कर दिया है। ईरान का आरोप है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने पूर्व समझौतों का उल्लंघन किया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, “अमेरिका ने वादा किया था कि वह ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी (Blockade) हटाएगा, लेकिन वॉशिंगटन ने अपने प्रतिबंध जारी रखे। जब तक हमारे जहाजों को पूर्ण सुरक्षा और स्वतंत्रता नहीं मिलती, यह मार्ग बंद रहेगा।”
ट्रम्प की दोटूक: “जब तक सरेंडर नहीं, तब तक नाकेबंदी जारी”
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मुद्दे पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। ट्रम्प ने संकेत दिया कि जब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने और ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ (Unconditional Surrender) पर सहमत नहीं होता, तब तक अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों को घेरे रखेगी। ट्रम्प ने एयर फ़ोर्स वन से बयान जारी करते हुए कहा, “ईरान को ब्लैकमेल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हमारी नाकेबंदी तब तक रहेगी जब तक एक स्थायी शांति समझौता नहीं हो जाता।”
भारत के लिए बढ़ा तनाव: भारतीय जहाजों पर फायरिंग की खबर
इस संकट ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। शनिवार को खबर आई कि होर्मुज मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे दो भारतीय ध्वज वाले (Indian-flagged) जहाजों पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने फायरिंग की है।
-
नई दिल्ली का कड़ा रुख: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने शनिवार रात ईरानी राजदूत को तलब किया और इन घटनाओं पर “गहरी चिंता” व्यक्त की।
-
सप्लाई चैन प्रभावित: भारत अपनी 60% से अधिक गैस और बड़ी मात्रा में तेल इसी मार्ग से मंगाता है। पीएम मोदी ने भी हाल ही में लोकसभा में कहा था कि सरकार तेल और गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ‘बम’ की तरह गिरेगी यह खबर
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। इस मार्ग के बंद होने का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा:
-
तेल और गैस: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं।
-
महंगाई: माल ढुलाई महंगी होने से खाने-पीने की चीजों और इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम बढ़ेंगे।
-
शिपिंग लागत: जहाजों को अब अफ्रीका का चक्कर लगाकर जाना होगा, जिससे डिलीवरी में 15-20 दिनों की देरी और करोड़ों का अतिरिक्त खर्च आएगा।
मुख्य बिंदु:
-
ईरान ने ‘Strait of Hormuz’ को दोबारा पूरी तरह सैन्य नियंत्रण में लिया।
-
अमेरिका पर ‘युद्धविराम’ के दौरान वादाखिलाफी और समुद्री नाकेबंदी का आरोप।
-
भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की खबरों के बीच दिल्ली ने ईरानी राजदूत को किया तलब।
-
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $125 प्रति बैरल के पार जाने की आशंका।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले 72 घंटों में पाकिस्तान या किसी अन्य मध्यस्थ के माध्यम से बातचीत सफल नहीं हुई, तो मध्य-पूर्व में एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है। फिलहाल, होर्मुज में तैनात ईरानी नौसेना ने चेतावनी दी है कि किसी भी जहाज की आवाजाही को “दुश्मन की मदद” माना जाएगा और उस पर सीधा हमला किया जाएगा।
Matribhumisamachar


