कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर से साइबर अपराध का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। खुद को फेसबुक (Meta) के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और अमेरिकी सिंगर जोश टर्नर बताकर ठगों ने चकेरी की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका से 1.57 करोड़ रुपये हड़प लिए। जांच में सामने आया है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का ‘पिग बुचरिंग’ (Pig Butchering) स्कैम था, जिसमें पीड़िता को एक साल से अधिक समय तक मानसिक जाल में फंसाए रखा गया।
📱 फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ ‘करोड़ों’ का मायाजाल
पीड़िता एलिसन वीम्स, जो मेथाडिस्ट हाईस्कूल से रिटायर्ड हैं, उनके पास जनवरी 2025 में मार्क जुकरबर्ग के नाम से एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। ठगों ने न केवल जुकरबर्ग की प्रोफाइल का इस्तेमाल किया, बल्कि खुद को एलोन मस्क का सहयोगी भी बताया। उन्होंने पीड़िता को कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलने और उसमें अहम पद देने का लालच दिया।
🕵️ ‘पिग बुचरिंग’: विश्वास जीतने की खतरनाक तकनीक
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस ठगी में अपराधियों ने पीड़िता का विश्वास जीतने के लिए 13 महीने का समय लिया।
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नियमित वीडियो कॉल: ठग डीपफेक या संदिग्ध वीडियो कॉल के जरिए पीड़िता से जुड़े रहे।
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भावनात्मक निवेश: उन्हें विश्वास दिलाया गया कि वे एक नेक काम (स्कूल खोलना) का हिस्सा बनने जा रही हैं।
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मल्टीपल लेयर्स: जब शिक्षिका को संदेह हुआ, तो ठगों ने ‘मिरेकल गिवर्स’ और ‘लीड इंडिया’ के फर्जी वकील बनकर दोबारा पैसे ऐंठने शुरू कर दिए।
💸 84 ट्रांजैक्शन और जीवन भर की कमाई साफ
पीड़िता ने अपनी पेंशन, पीएफ और जीवन भर की बचत के कुल ₹1,57,38,630 ठगों के बताए 5 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए।
| बैंक विवरण | ट्रांजैक्शन संख्या | वसूली गई राशि |
| SBI (भारतीय स्टेट बैंक) | 33 | ₹37.24 लाख |
| PNB (पंजाब नेशनल बैंक) | 31 | ₹74.90 लाख |
| Bank of India | 20 | ₹14.42 लाख |
| अन्य बैंक (BOB, Indian Bank) | कई | शेष राशि |
🚔 पुलिस की कार्रवाई: ₹30 लाख होल्ड पर
पीड़िता ने 16 मार्च 2026 को कानपुर साइबर क्राइम थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। एडीसीपी साइबर अपराध, अंजलि विश्वकर्मा और डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह के नेतृत्व में जांच टीम ने तत्परता दिखाते हुए विभिन्न खातों में मौजूद ₹30.42 लाख की राशि को फ्रीज (Hold) करा दिया है।
ताजा अपडेट:
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पुलिस उन UPI IDs और बैंक खातों की चेन खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल नाइजीरियाई गिरोह द्वारा किए जाने का संदेह है।
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ठगों ने पीड़िता को “विजडम कैपिटल” नाम के एक फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल पर ₹2.23 करोड़ का बैलेंस दिखाकर और अधिक निवेश के लिए उकसाया था।
⚠️ सावधान: इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
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Impersonation: कोई भी बड़ी हस्ती सोशल मीडिया पर सीधे निवेश के लिए संपर्क नहीं करती।
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Tax & Fees: अगर कोई बार-बार कस्टम ड्यूटी, स्टाम्प ड्यूटी या कन्वर्जन चार्ज के नाम पर पैसे मांगे, तो तुरंत संपर्क काट दें।
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Recover Scam: ठगे जाने के बाद पैसे वापस दिलाने का दावा करने वाले “ऑनलाइन हेल्प डेस्क” अक्सर खुद ठग होते हैं।
हेल्पलाइन: यदि आपके साथ भी कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या
www.cybercrime.gov.inपर रिपोर्ट करें।
Matribhumisamachar


