गुरुवार, अगस्त 27 2026 | 03:43:43 PM
Breaking News
Home / राज्य / हिमाचल प्रदेश / बिलासपुर के घुमारवीं में धर्म परिवर्तन के आरोपों पर विवाद: हवाण गांव के ग्रामीणों ने DC को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष और CBI जांच की मांग

बिलासपुर के घुमारवीं में धर्म परिवर्तन के आरोपों पर विवाद: हवाण गांव के ग्रामीणों ने DC को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष और CBI जांच की मांग

Follow us on:

बिलासपुर | गुरुवार, 27 अगस्त 2026
हिमाचल प्रदेश के शांत वातावरण और ‘देवभूमि’ के रूप में पहचाने जाने वाले बिलासपुर जिले के घुमारवीं उपमंडल स्थित हवाण गांव में हाल ही में धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। 7 जून 2026 की घटना के बाद उपजे इस तनाव के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का रुख किया है। ग्रामीणों के एक बड़े समूह ने उपायुक्त (DC) बिलासपुर को औपचारिक ज्ञापन सौंपते हुए वर्तमान पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष, न्यायिक अथवा सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग रखी है।

घटनाक्रम: 7 जून 2026 का कथित विवाद और आरोप

ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों और ज्ञापन के अनुसार, विवाद की मुख्य वजह 7 जून 2026 को गांव में घटी एक घटना थी।
  • आपत्तिजनक बयानों से उपजा तनाव: ग्रामीणों का कहना है कि हवाण गांव में कुछ बाहरी व स्थानीय लोगों द्वारा हिंदू धर्म के प्रति आपत्तिजनक और अमर्यादित बातें कही गई थीं। इसका विरोध करने पर दोनों पक्षों में तीखी बहस और कहासुनी हो गई।
  • आर्थिक प्रलोभन देने का गंभीर आरोप: इसी घटना से जुड़े एक अन्य मामले में एक स्थानीय निवासी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि पीड़ित को अपना मूल धर्म (हिंदू धर्म) छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए 5 लाख रुपये नकद और 5 हजार रुपये का मासिक वजीफा देने का आर्थिक प्रलोभन दिया गया।
  • दबाव व मानहानि: शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रलोभन को ठुकराने के बाद उसके और उसके परिवार पर मानसिक दबाव बनाया गया तथा धार्मिक भावनाएं आहत की गईं।

पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर ग्रामीणों के सवाल

ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की शैली पर कड़ा असंतोष जताया है। ग्रामीणों का तर्क है कि घटना के बाद दोनों पक्षों के लोगों के बयान दर्ज किए गए थे और मेडिकल जांच भी करवाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई एकतरफा नजर आ रही है।
  • गंभीर धाराएं जोड़ने पर आपत्ति: ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बाद में जानबूझकर मामले में कुछ गंभीर धाराएं जोड़ी गईं, जिससे स्थानीय लोगों को निशाना बनाया जा सके।
  • जांच अधिकारी (IO) बदलने की मांग: ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि मौजूदा जांच अधिकारी का रवैया पक्षपातपूर्ण है। इसलिए उन्हें तुरंत हटाकर जांच किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए।

निष्पक्ष, न्यायिक एवं CBI जांच की उठी मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों को अपनी मांगों का पत्र भेजा है।
  1. दोनों FIR की निष्पक्ष जांच: दोनों पक्षों की ओर से दर्ज प्राथमिकियों (FIR) का सूक्ष्मता से पुनर्मूल्यांकन किया जाए।
  2. CBI या न्यायिक जांच: मामले में विदेशी फंडिंग अथवा संगठित नेक्सस की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किसी निष्पक्ष एजेंसी या न्यायिक आयोग से जांच करवाई जाए।
  3. सामाजिक सौहार्द की रक्षा: ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि उनकी मंशा किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना नहीं, बल्कि निष्पक्षता के साथ सच को उजागर करना है।

प्रशासन और पुलिस का रुख

बिलासपुर पुलिस प्रशासन (SP बिलासपुर) के अनुसार, धर्म परिवर्तन के प्रयासों और विवाद से जुड़ी सभी प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। मौके के साक्ष्य और गवाहों के बयानों का मिलान किया जा रहा है। फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और उपलब्ध कानूनी सबूतों के आधार पर ही अगली कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. घुमारवीं के हवाण गांव में धर्म परिवर्तन का मामला क्या है?
Ans: 7 जून 2026 को हवाण गांव में हिंदू धर्म के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानों और एक ग्रामीण को धर्म परिवर्तन के लिए 5 लाख रुपये के आर्थिक प्रलोभन देने के आरोपों के बाद विवाद उपजा था।
Q2. ग्रामीणों ने उपायुक्त (DC) बिलासपुर से क्या मांगें की हैं?
Ans: ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए जांच अधिकारी बदलने, दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच कराने और मामले की न्यायिक या CBI जांच कराने की मांग की है।
Q3. क्या हिमाचल प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून है?
Ans: हां, हिमाचल प्रदेश में ‘हिमाचल प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम’ लागू है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को जबरन, धोखे से या आर्थिक प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराना संज्ञेय और दंडनीय अपराध है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख उपलब्ध समाचार स्रोतों, प्राथमिक शिकायतों और प्रशासनिक ज्ञापनों पर आधारित एक रिपोर्ट है। मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही हो सकेगी।
मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

हिमाचल विधानसभा के बाहर जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों का प्रदर्शन

हिमाचल विधानसभा में बड़ा सियासी धमाका: जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू के खिलाफ पेश किया विशेषाधिकार हनन नोटिस

शिमला. हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होते ही प्रदेश की सियासत …