रायपुर । गुरुवार, 30 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले से सामाजिक तनाव की एक गंभीर खबर सामने आई है। जिला मुख्यालय के पास स्थित रेटावंड गांव में जबरन धर्मांतरण के संदेह में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने ओडिशा मूल के एक पास्टर पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हुए न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें गांव छोड़ने का अल्टीमेटम भी दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित पास्टर मूल रूप से ओडिशा के नवरंगपुर जिले का निवासी है और पिछले लगभग डेढ़ साल से रेटावंड गांव में सपरिवार किराए पर रह रहा था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पास्टर लंबे समय से गांव के सीधे-साधे लोगों को प्रलोभन देकर या अन्य माध्यमों से धर्मांतरण के लिए प्रेरित कर रहा था।
पंचायत में लिया गया था फैसला
इस मुद्दे को लेकर गांव में पिछले कुछ दिनों से सुगबुगाहट तेज थी। दो दिन पहले ग्रामीणों ने एक बड़ी बैठक (ग्राम सभा) बुलाई थी, जिसमें गांव के सभी प्रमुख लोग और वे परिवार भी शामिल हुए थे जिनका कथित तौर पर धर्मांतरण हुआ था। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पास्टर को गांव खाली करना होगा।
विरोध और मारपीट की घटना
विवाद तब भड़का जब पास्टर ने ग्रामीणों के इस सामूहिक फैसले का विरोध किया और गांव छोड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पास्टर के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि भीड़ ने पास्टर को जूते-चप्पलों से पीटा और उसके कपड़े तक फाड़ दिए।
तनाव की सूचना मिलते ही बस्तर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और पास्टर को सुरक्षा प्रदान की।
पुलिस की कार्रवाई और मौजूदा स्थिति
बस्तर पुलिस के अनुसार, पास्टर ने घटना के संबंध में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच बातचीत भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि:
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पास्टर ने स्वेच्छा से गांव छोड़ने का भरोसा दिया है।
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वर्तमान में गांव में शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है।
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धर्मांतरण के आरोपों की भी सूक्ष्म जांच की जा रही है।
नोट : शुरुआती रिपोर्टों में केवल मारपीट की बात कही गई थी, लेकिन ताजा अपडेट के अनुसार प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराई है और पास्टर ने शांतिपूर्वक इलाका छोड़ने की सहमति दे दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
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