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युद्धाभ्यास के दौरान टैंक पलटने से 5 जवानों का बलिदान

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

लेह. लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में बड़ा हादसा हो गया है. टैंक अभ्यास के दौरान एक टी-72 टैंक हादसे का शिकार हो गया, जिसमें JCO समेत पांच जवानों की मौत हो गई. दरअसल, लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी इलाके में टैंक अभ्यास के दौरान जैसे ही टैंक नदी पार कर रहा था, तभी अचानक पानी का लेवल बढ़ गया, जिसमें 5 जवान बह गए और उनकी जान चली गई. फिलहाल सभी जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया दुख

घटना पर दुख जताते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने लिखा, ‘लद्दाख में नदी पार करते समय हुए दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में भारतीय सेना के पांच बहादुर जवानों की जान जाने पर गहरा दुख हुआ. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. राष्ट्र मजबूती से खड़ा है. दुख की इस घड़ी में उनके साथ हूं.’

सभी जवानों के शव किए गए बरामद

रक्षा अधिकारी के मुताबिक, ‘शुक्रवार की शाम दौलत बेग ओल्डी इलाके में नदी पार करने के अभ्यास के दौरान हुए हादसे में एक जेसीओ और चार जवान समेत भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए. सभी पांचों शव बरामद कर लिए गए हैं.’

राहुल गांधी ने भी जताया दुख

इधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस हादसे में जान गवाने वाले सैनिकों के प्रति दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘लद्दाख में टैंक के नदी पार करने के सैन्य अभ्यास के दौरान हुए हादसे में भारतीय सेना के पांच जवानों की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है. सभी शहीद जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. दुख की इस घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं. हमारे वीर जवानों का समर्पण, सेवा और बलिदान देश सदा याद रखेगा.’

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साभार : एनडीटीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।