लोड हो रहा है...

इमामों ने फिर घेरा केजरीवाल का घर, वेतन न मिलने पर देंगे अनिश्चितकालीन धरना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

नई दिल्ली. आम आदमी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को ऐलान किया कि अगर उनकी पार्टी दिल्ली में दोबारा सरकार बनाती है, तो वह पुजारी ग्रंथी सम्मान योजना शुरू करेगी। इसके तहत मंदिर के पुजारियों और गुरुद्वारों के ग्रंथियों को 18 हजार हर महीने भत्ता दिया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कल से शुरू होगा। केजरीवाल मंगलवार को कनॉट प्लेस के हनुमान मंदिर जाएंगे। जहां वे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की जांच करेंगे। इधर, दिल्ली वक्फ बोर्ड के इमामों ने केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया। इमामों का दावा है कि उन्हें 17 महीने से सैलरी नहीं मिली है। इसके लिए वे CM, LG समेत सभी से शिकायत कर चुके हैं।

केजरीवाल बोले- BJP वाले इस योजना को न रोकें, वरना पाप लगेगा

योजना के ऐलान के बाद केजरीवाल ने कहा कि पुजारी और ग्रंथी समाज का अहम हिस्सा हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की अक्सर अनदेखी की जाती है। BJP वालों ने महिला सम्मान और संजीवनी योजना के रजिस्ट्रेशन को रोकने की असफ़ल कोशिश की थी। अब ये लोग पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना के रजिस्ट्रेशन न रोकें वरना इन्हें पाप लगेगा।

भाजपा बोली- आम आदमी पार्टी की घोषणा हवा-हवाई

भाजपा के प्रवक्ता अमित मालवीय ने केजरीवाल के पुजारी-ग्रंथी सम्मान योजना को लेकर कहा कि महाठग अरविंद केजरीवाल ने 10 साल बाद मंदिरों के पुजारियों और गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथियों को ठगने के लिए नई योजना की घोषणा की है। लेकिन दिल्ली में कितने पुजारी और ग्रंथी हैं, उन्हें इसका पता तक नहीं है। चुनाव से पहले झूठे वादों की झड़ी लगा दी गई है। अमित ने X पोस्ट में लिखा- पिछले 17 महीनों से इमामों को तनख्वाह भी नहीं दी गई है, और वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली वाले जानते हैं कि हिंदू विरोधी आप की यह घोषणा भी केवल हवा-हवाई है।

प्रदर्शन कर रहे इमाम बोले- 50 बार अधिकारियों से मिले, वेतन नहीं मिला

केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के चेयरमैन साजिद रशीदी ने कहा कि वेतन में देरी को लेकर पिछले 6 महीनों से अधिकारियों और नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। रशीदी का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री, LG समेत हर छोटे-बड़े अधिकारी से लगभग 50 बार मुलाकात की है। रशीदी ने दिल्ली सरकार को चेतावनी दी है कि 240 इमामों की सैलरी जल्द नहीं दी गई, तो वे धरने पर बैठेंगे और जब तक वेतन नहीं मिलेगा, वहां से हटेंगे नहीं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि उनका मासिक मानदेय इमामों के लिए 18000 और मुअज्जिनों के लिए 16000 रुपए डेढ़ साल से ज्यादा समय से नहीं मिला है।

- Advertisement -

दिल्ली चुनाव से पहले केजरीवाल ये ऐलान कर चुके

दिल्ली विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 23 फरवरी 2025 को खत्म हो रहा है। अगले दो महीने में चुनाव हो सकते हैं। पिछला विधानसभा चुनाव फरवरी 2020 में हुआ था, जिसमें आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया था और 70 में से 62 सीटें जीती थीं।

साभार : दैनिक भास्कर

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।