चंडीगढ़. पंजाब के बठिंडा जिले के गांव जिद्दा में सितंबर माह में हुए संदिग्ध विस्फोट के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आधिकारिक तौर पर जांच की कमान संभाल ली है। शुक्रवार को NIA की एक उच्च स्तरीय टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाए।
घटना की पृष्ठभूमि
जानकारी के मुताबिक, सितंबर महीने में गांव जिद्दा के रहने वाले 19 वर्षीय गुरप्रीत सिंह के घर में विस्फोटक सामग्री तैयार करते समय एक जोरदार धमाका हुआ था। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। शुरुआत में इस मामले की जांच पंजाब पुलिस कर रही थी, लेकिन विस्फोटक की प्रकृति और संभावित खतरों को देखते हुए अब केंद्रीय एजेंसी को शामिल किया गया है।
घटनास्थल पर घंटों चली जांच
शुक्रवार को गांव पहुंची NIA की टीम ने लगभग हर पहलू का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम की मुख्य कार्रवाइयां निम्नलिखित रहीं:
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फॉरेंसिक विश्लेषण: टीम ने विस्फोट स्थल की विस्तृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई।
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स्थानीय पूछताछ: आसपास रहने वाले लोगों से युवक की गतिविधियों और संदिग्धों की आवाजाही को लेकर सवाल-जवाब किए गए।
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तालमेल: स्थानीय पुलिस अधिकारियों के साथ डेटा साझा किया गया ताकि मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
क्या किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है?
सूत्रों के अनुसार, NIA इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि 19 साल के युवक के पास हाई-ग्रेड विस्फोटक कहाँ से आए। एजेंसी को संदेह है कि इस घटना के पीछे कोई बाहरी संगठन या स्लीपर सेल का हाथ हो सकता है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इस बम को तैयार करने का असली मकसद क्या था और क्या इसे किसी बड़े आतंकी हमले की साजिश के तहत बनाया जा रहा था।
सुरक्षा व्यवस्था सख्त
केंद्रीय एजेंसी की सक्रियता के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि, NIA के अधिकारियों ने फिलहाल मीडिया को कोई भी आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
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