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चुनाव आयोग ने बैलेट पेपर को लेकर विपक्ष की मांग को किया स्वीकार

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नई दिल्ली. 4 जून को आने वाले लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले चुनाव आयोग ने विपक्ष के सारे आरोपों का जवाब दिया. मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन सारे सवालों का जवाब दिया, जिसे विपक्ष की ओर से बार-बार उठाया जा रहा था. इसमें ईवीएम, बैलेट पेपर की गिनती और वोट प्रतिशत बढ़ने का मामला शामिल है. सीईसी राजीव कुमार ने माना कि हमारे खिलाफ फेक नेरेटिव चला गया, जिसे समझने में हमसे भूल हुई.

चुनावी इतिहास में नतीजों से पहले चुनाव आयोग ने आज पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हमारे खिलाफ मुहिम चलाई गई. पहले वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए गए, फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए, फिर 17C को लेकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश हुई और अब ARO के बारे में झूठ का गुब्बारा उड़ाया गया… हमने सभी सवालों का जवाब दिया है और सच्चाई बताने की कोशिश की है.

सबसे पहले बैलेट पेपर की गिनती

विपक्ष की ओर से बैलेट पेपर की गिनती पर की गई मांग को स्वीकार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हर चुनाव में बैलेट पेपर की गिनती पहले शुरू होती है और उस बार फिर बैलेट पेपर की गिनती पहले शुरू की जाएगी, जो आधे घंटे बाद ईवीएम की गिनती के साथ चलती रहेगी. ईसीआई राजीव कुमार ने कहा कि हमारे ऊपर 1 करोड़ वोटर बढ़ाने का आरोप लगाया गया, जो कि झूठ है… यह मत प्रतिशत का बढ़ना पूरी प्रक्रिया का हिस्सा होती है.

जयराम रमेश के आरोप का जवाब

कांग्रेस नेता जयराम रमेश के इस आरोप पर कि केंद्रीय गृह मंत्री ने डीएम/आरओ (रिटर्निंग ऑफिसर) को फोन किया, मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा, ‘ऐसा कैसे हो सकता है?…क्या कोई उनको (डीएम/आरओ) प्रभावित कर सकता है? हमें बताएं कि यह किसने किया, हम उसको सज़ा देंगे…यह ठीक नहीं है कि आप अफवाह फैलाएं और सभी को शक के दायरे में ले आएं…’

‘हमें एक महीने पहले करा लेना चाहिए था चुनाव’

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि हमने इस चुनाव से तीन सबक लिए हैं, पहला- हमें एक महीने में ही पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरा कर लेना चाहिए था. इतने गर्मी में चुनाव नहीं कराना चाहिए था, हमसे गलती हुई. दूसरा- हम अपने खिलाफ चले फेक नेरेटिव को रोक नहीं पाए, यह भी हमारी चूक है. तीसरा- हमने सोचा था कि विदेश से बैठे लोग चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे, लेकिन विदेश से न होकर देश में बैठे लोगों ने प्रभावित करने की नाकाम कोशिश की.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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