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पप्पू यादव ने कांग्रेस के आशीर्वाद के बिना ही पूर्णिया सीट से किया नामांकन

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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पटना. पूर्व सांसद पप्पू यादव ने पूर्णिया सीट से गुरुवार (04 अप्रैल) को नामांकन दाखिल कर दिया. वह इस सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. कई दिनों से इंतजार में थे कि बात बन जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो अंत में आज गुरुवार को उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा दाखिल कर दिया.

पप्पू यादव के नामांकन में दिखी भारी भीड़

नामांकन के लिए भारी संख्या में समर्थकों के साथ पप्पू यादव समाहरणालय पहुंचे. नामांकन कराने के बाद बाहर निकले और फिर हाथ हिलाकर कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों का अभिवादन किया. पप्पू यादव के नामांकन में भारी भीड़ दिख रही थी. कार्यकर्ता और समर्थक फूल-माला पहना रहे थे. ढोल बज रहे थे.

‘राजनीतिक हत्या कराने की कोशिश हुई’

नामांकन कराने के बाद पप्पू यादव ने कहा कि पूर्णिया से नफरत, उन्माद खत्म करना है. मुझे जनता का आशीर्वाद मिलेगा. आरजेडी का नाम लिए बिना निशाना साधा. कहा कि राजनीतिक हत्या कराने की कोशिश हुई. हम इंडिया गठबंधन को मजबूत करना चाहते थे, लेकिन कुछ लोगों ने इसमें बाधा डाला. कांग्रेस में हमने अपनी पार्टी का विलय किया. हालांकि यह सीट महागठबंधन में आरजेडी को गई, कांग्रेस को नहीं मिली. ऐसे में हमने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन किया. कांग्रेस आलाकमान का हमको आशीर्वाद है. बिहार में सभी 40 सीट पर महागठबंधन को हम मदद करेंगे.

पप्पू यादव के नामांकन पर कांग्रेस ने क्या कहा?

पप्पू यादव के नामांकन को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन को जो सीट मिली है उस पर आलाकमान की मुहर लगी है. औरंगाबाद जैसी सीट हम लोगों को नहीं मिली. वहां से निखिल कुमार उम्मीदवार थे, लेकिन उन्होंने नामांकन नहीं किया. महागठबंधन के बाद किसी को भी नामांकन की इजाजत नहीं है.

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साभार : एबीपी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।