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आज से ही खाने के तेल में करें 10% की कटौती : नरेंद्र मोदी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। पीएम दोपहर 2 बजे सूरत पहुंचे और यहां से केंद्र शासित प्रदेश सिलवासा पहुंचे। यहां उन्होंने 450 बिस्तरों वाले नमो अस्पताल का उद्घाटन करने के साथ ही 650 बिस्तरों की क्षमता वाले दूसरे चरण का शिलान्यास किया। इसके बाद सिलवासा में 2587 करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

पीएम ने कहा- खाने के तेल में 10% की कटौती करें

पीएम ने अपने संबोधन में हेल्थ पर कई बातें कहीं। उन्होंने कहा- मैने यहां बड़ा अस्पताल बनवाया है, लेकिन मैं चाहता हूं कि किसी को यहां आना ही न पड़े। आप लोग हमेशा स्वस्थ रहें। क्योंकि, देश के लिए चिंता की बात यही है कि हमारे देश में भी मोटापे की समस्या बढ़ रही है। हाल ही में मोटापे की समस्या पर एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2050 तक 44 करोड़ से अधिक भारतीय मोटापे का शिकार होंगे। यह आंकड़ा डरावना है। इसका मतलब है कि। मोटापे के कारण हर तीन में से एक व्यक्ति गंभीर बीमारी से पीड़ित हो सकता है। मोटापा घातक हो सकता है। हर परिवार में एक व्यक्ति मोटापे का शिकार होगा। यह कितना बड़ा संकट होगा? हमें अब से ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए सबसे जरूरी है कि हम खाने के तेल में 10 फीसदी कटौती कर दें। पूरी तरह स्वस्थ रहें।

केंद्र शासित प्रदेश को सिंगापुर की तरह विकसित करना है

सिलवासा में अपने संबोधन में पीएम ने कहा- आप लोगों ने हाईटेक सिंगापुर के बारे में सुना ही होगा। सिंगापुर कभी एक छोटा सा मछली पकड़ने वाला गांव था। लेकिन, बहुत ही कम समय में वहां के लोगों के दृढ़ संकल्प ने एक आधुनिक सिंगापुर का निर्माण किया। अगर केंद्र शासित प्रदेश का हर नागरिक फैसला कर ले तो मैं आपके साथ खड़ा होने के लिए तैयार हूं। दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव हमारे लिए सिर्फ केंद्र शासित प्रदेश नहीं हैं। यह केंद्र शासित प्रदेश हमारा गौरव है और हमारी विरासत भी है। हम इस क्षेत्र को एक आदर्श राज्य बना रहे हैं जो अपने समग्र विकास के लिए जाना जाएगा।

साभार : दैनिक भास्कर

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।