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जम्मू में रहस्यमयी बीमारी से अब तक 17 लोगों की मौत

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read

जम्मू. जम्मू कश्मीर में राजौरी जिले का बधाल गांव रहस्यमयी बीमारी के चलते सुर्खियों में बना हुआ है. बीमारी से हो रही मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच रविवार 19 जनवरी को एक और बच्ची की मौत हो गई. जिसके बाद मरने वालों की संख्या 17 हो गई है. ये सभी मौतें रहस्यमय परिस्थितियों में हुई हैं और मौतों का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. जानकारी के मुताबिक बधाल गांव के मोहम्मद असलम के छठे और आखिरी बच्चे की जीएमसी जम्मू में मौत हो गई. असलम के 6 बच्चे थे इनमें से 5 बच्चों की पहले ही रहस्यमयी बीमारी के चलते मौत हो गई थी वहीं आखिरी बची बेटी ने भी रविवार को दम तोड़ दिया. मृतक का इलाज जीएमसी जम्मू चल रहा था जहां उसकी मौत हो गई.

इलाज के दौरान बेटी ने तोड़ा दम

बताया जा रहा है कि मोहम्मद असलम की बेटी जिसका नाम यास्मीना जान था उसे रविवार को जीएमसी राजौरी ले जाया गया था, जहां से सोमवार को उसे जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. उसकी हालत पहले दिन से ही गंभीर थी. बेटी के मौत के बाद असलम पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा.

5 बच्चों की पहले ही हो चुकी थी मौत

यास्मीन मोहम्मद असलम की अकेली जीवित संतान थी, जिसने अब इस ‘रहस्यमय बीमारी’ के कारण अपने सभी छह बच्चों को खो दिया है. असलम ने पिछले एक हफ्ते में चार बेटियों, दो बेटों और अपने मामा-मामी को खो दिया है. उसका पूरा परिवार खत्म हो गया.

बावड़ी को पीएचई ने किया सील

इस बीचएडीसी कोटरंका द्वारा आदेश जारी किया गया है जिसमें बधाल गांव की बावड़ी को पीएचई डिवीजन राजौरी द्वारा ब्लॉक कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि बावड़ी से लिए गए पानी के नमूनों का परीक्षण किया गया है जो कुछ कीटनाशकों के लिए पॉजिटिव पाया गया है.

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अंतर-मंत्रालयी टीम के गठन का आदेश

वहीं मौतों की जांच के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने एक अंतर-मंत्रालयी टीम के गठन का आदेश दिया है. यह टीम प्रभावित गांव का दौरा करेगी और मौतों के कारणों का पता लगाएगी. एक आधिकारिक बयान के अनुसार, टीम का नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे. बधाल के पुलिस अधीक्षक (अभियान) वजाहत हुसैन की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जो मौत के मामलों की जांच कर रही है. वहीं बीते शनिवार को अनंतनाग-राजोरी संसदीय क्षेत्र से सांसद (लोकसभा) मियां अल्ताफ अहमद ने गांव का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की. उन्होंने मौतों के कारणों का पता लगाने के लिए चल रही जांच की बात कही थी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।