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अपना दल (एस) मध्य प्रदेश का चिंतन शिविर भोपाल में संपन्न

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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भोपाल, 19 मई 2025: अपना दल (एस) मध्य प्रदेश का चिंतन शिविर रविवार, 18 मई को भोपाल में आयोजित हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन में संगठन की मजबूती, आगामी गतिविधियों और सदस्यता अभियान को गति प्रदान करने हेतु रणनीतिक चर्चाएं हुईं। शिविर में प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव श्री आर. बी. सिंह पटेल और राष्ट्रीय महासचिव युवा मंच डॉ. अखिलेश पटेल मुख्य रूप से शामिल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राजनीतिक रणनीतिकार डॉ अतुल मलिकराम ने की। चिंतन शिविर में मध्य प्रदेश में संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त करने, सदस्यता अभियान को गति देने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। यह शिविर न केवल रणनीति निर्माण का मंच रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा और दिशा-निर्देश प्राप्त करने का अवसर भी साबित हुआ।

इस मौके पर प्रदेश प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव, श्री आर. बी. सिंह पटेल ने अपने संबोधन में कहा, “मध्य प्रदेश में अपना दल (एस) की जड़ें मजबूत करना हमारी प्राथमिकता है। मैं यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय अनुप्रिया पटेल जी का एक सिपाही बनकर आया हूं और एक सेनानायक बनाने आया हूं। हमारी नीतियां सामाजिक न्याय, महिला व युवा सशक्तिकरण पर आधारित हैं। यह चिंतन शिविर न केवल संगठन को नई दिशा देगा, बल्कि कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार भी करेगा। हम यहां बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

राष्ट्रीय महासचिव युवा मंच डॉ. अखिलेश पटेल ने युवाओं की भूमिका पर बल देते हुए कहा, “मध्य प्रदेश में संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में युवा शक्ति की भूमिका अहम है। आने वाले कल के राजनीतिक बदलाव के लिए युवाओं की भूमिका अहम होने वाली है। इस शिविर ने हमें आत्मचिंतन और नई रणनीति तैयार करने का अवसर प्रदान किया है। युवा मंच गांव-गांव घर-घर तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने और सामाजिक बदलाव के लिए संकल्पबद्ध है, साथ ही पार्टी के मुद्दों को प्राथमिकता से गति देने के लिए संकल्पित हैं।”

राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, “मध्य प्रदेश में अपना दल (एस) की यह यात्रा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का चौथा चरण है। इस चिंतन शिविर का उद्देश्य न केवल रणनीति निर्माण करना है, बल्कि कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पार्टी को प्रदेश में दूसरे राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करना भी है। श्री आर. बी. सिंह पटेल और डॉ अखिलेश पटेल जी का मार्गदर्शन हमें इस लक्ष्य की ओर अग्रसर करेगा।”

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इस चिंतन शिविर में प्रदेश और जिला स्तर के तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें हर प्रसाद पटेल, धीरेन्द्र सिंह बघेल, मान सिंह बिसेन, देवेंद्र प्रताप सिंह, टीकम चंद शर्मा, कैलाश गवांडे, मुकेश मराठा, राजेश्वर मिश्रा, वंदना नामदेव, अनिल सोनी, बाल कृष्ण गौर, नरेंद्र जोशी, मीनू गुप्ता, मीना गुप्ता, हरदास कुशवाहा, सुरेंद्र नाहर, रोशन पटेल, रोहित चंदेल, आसिफ पटेल, मुस्कान सिंह सहित अन्य प्रमुख कार्यकर्ता शामिल थे।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।