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आईएनएस सूरत से मिसाइल का सफल परीक्षण, समुद्र में टारगेट पर लगाया सटीक निशाना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बीच भारत समुद्री सुरक्षा को लेकर अहम उपलब्धि हासिल की है। भारतीय नौसेना के नवीनतम स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक, आईएनएस सूरत ने समुद्र में लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है। यह नौसेना की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह उपलब्धि स्वदेशी युद्धपोत डिजाइन, विकास और संचालन में भारतीय नौसेना की बढ़ती हुई क्षमता को दर्शाती है और रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। आईएनएस सूरत मिसाइल हमला होने की स्थिति में खुद ही दुश्मन की मिसाइलों की पहचान करने और उन्हें हवा या पानी में ही मार गिराने में सक्षम है। इससे भारत की समुद्री सीमा और मजबूत होती है। भारत की सीमा का अधिकतर हिस्सा समुद्र से ही लगता है। ऐसे में यह उपलब्धि और महत्वपूर्ण हो जाती है।

भारतीय नौसेना ने शेयर किया वीडियो

भारतीय नौसेना ने आईएनएस सूरत के सफल परीक्षण का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि यह मील का पत्थर देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए भारतीय नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता और आत्मनिर्भर भारत के प्रति समर्पण का प्रमाण है। भारतीय सेना के सबसे नए स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस सूरत ने समुद्र में लक्ष्य को सटीकता के साथ सफलतापूर्वक मार गिराया, जो हमारी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में एक और मील का पत्थर साबित हुआ।

पाकिस्तान भी कर रहा मिसाइल परीक्षण

समाचार एजेंसी एएनआई ने रक्षा सूत्रों के हवाले से कहा है, ‘पाकिस्तान ने 24-25 अप्रैल को अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर कराची तट पर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण करने के लिए अधिसूचना जारी की है।’ सूत्रों ने यह भी कहा, ‘भारतीय एजेंसियां ​​सभी घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रही हैं।’

भारत ने पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाए

पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के शामिल होने के कारण भारत ने पाकिस्तान को लेकर पांच बड़े फैसले किए हैं। भारत ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा है। इसके साथ ही अटारी बॉर्डर बंद कर दिया गया है और सिंधु जल समझौता रद्द कर दिया गया है। पाकिस्तान नागरिकों का वीजा बंद कर दिया गया है और उच्चायोग में कर्मचारियों की संख्या 55 से घटाकर 30 कर दी गई है। सात दिन के अंदर अतिरिक्त अधिकारियों को भारत छोड़ना होगा।

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साभार : इंडिया टीवी

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।