बुधवार, अप्रैल 08 2026 | 09:58:22 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / एक रोटी के बदले अस्मत”: मुफ्ती सईद खान ने खोली कश्मीर में पाकिस्तानी ‘पाखंड’ की पोल, वीडियो वायरल

एक रोटी के बदले अस्मत”: मुफ्ती सईद खान ने खोली कश्मीर में पाकिस्तानी ‘पाखंड’ की पोल, वीडियो वायरल

Follow us on:

इस्लामाबाद | बुधवार, 1 अप्रैल, 2026

पाकिस्तान के एक प्रमुख देवबंदी विद्वान और धार्मिक नेता, मुफ्ती सईद खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में मौलाना ने कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के रुख और वहां सक्रिय रहे उग्रवादियों के आचरण पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ‘Kashmir and Our Hypocrisy’ (कश्मीर और हमारा पाखंड) शीर्षक वाले एक कार्यक्रम में दिए गए इस बयान ने सीमा के दोनों ओर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

“एक रोटी के बदले अस्मत”: मौलाना के बयान के मुख्य अंश

वायरल वीडियो में मुफ्ती सईद खान यह स्वीकार करते दिख रहे हैं कि कश्मीर में उग्रवाद के नाम पर जो कुछ हुआ, उसमें नैतिकता की भारी कमी थी। उन्होंने अत्यंत संवेदनशील और विचलित करने वाले दावों में कहा:

  • अनैतिक कृत्य: मौलाना के अनुसार, संघर्ष के दौरान कुछ लड़ाकों ने कश्मीरी महिलाओं का शोषण किया। उन्होंने “एक रोटी के बदले यौन संबंध” जैसे गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान समर्थित समूहों का काला पक्ष बताया।

  • अपराध को बताया ‘गौरव’: उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि उस समय इन आपराधिक कृत्यों को कुछ लोग अपनी ‘मर्दानगी’ या ‘जीत’ के रूप में पेश करते थे और गर्व महसूस करते थे।

  • दोहरा मापदंड: मुफ्ती सईद खान ने पाकिस्तानी तंत्र पर प्रहार करते हुए कहा कि हम कश्मीर के मुद्दे को दुनिया के सामने उठाते तो हैं, लेकिन अपने भीतर के ‘पाखंड’ और वहां की गई गलतियों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

कौन हैं मुफ्ती सईद खान?

मुफ्ती सईद खान पाकिस्तान के एक प्रभावशाली धार्मिक विद्वान हैं। वे इस्लामाबाद में ‘अल-नदवा एजुकेशनल ट्रस्ट’ के संस्थापक हैं।

  • वे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बुशरा बीबी के साथ निकाह पढ़ाने के कारण भी चर्चा में रहे थे।

  • वे पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की कोर कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं।

  • अतीत में उनका नाम 1995 के ‘तख्तापलट की कोशिश’ (Coup attempt) के मामले में भी सामने आया था, जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

सोशल मीडिया पर क्यों मचा है बवाल?

यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हो रहा है जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मानवाधिकारों और आतंकवाद के वित्तपोषण (Terror Financing) को लेकर पाकिस्तान पहले से ही दबाव में है।

  1. भारतीय पक्ष: भारत में सोशल मीडिया यूजर्स और विशेषज्ञों का कहना है कि यह बयान उन दावों की पुष्टि करता है जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियां दशकों से करती आ रही हैं।

  2. पाकिस्तानी प्रतिक्रिया: पाकिस्तान में इस वीडियो को लेकर सन्नाटा है, हालांकि कुछ कट्टरपंथी इसे ‘संदर्भ से बाहर’ (Out of context) बता रहे हैं। आधिकारिक तौर पर सरकार या सेना ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

निष्कर्ष और सत्यता

हालांकि यह वीडियो विभिन्न विश्वसनीय न्यूज़ चैनलों (जैसे News18 और TOI Bharat) की रिपोर्ट का हिस्सा बना है, लेकिन स्वतंत्र रूप से इसकी तिथि और पूर्ण संदर्भ की पुष्टि होना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एक धार्मिक गुरु का मंच से इस तरह का आत्मनिरीक्षण करना पाकिस्तान के भीतर कश्मीर विमर्श (Kashmir Narrative) में आ रहे बदलाव का संकेत हो सकता है।

डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने पर तथ्यों में अपडेट किया जा सकता है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

कनाडा में हाई अलर्ट: मंदिरों के बाहर 100 मीटर तक प्रदर्शन बैन, क्या थम पाएगी हिंसा?

ओटावा | शनिवार, 4 अप्रैल 2026 कनाडा में खालिस्तानी समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) …