देहरादून | 04 अप्रैल, 2026
उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार और चिकित्सा प्रशासन ने कमर कस ली है। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सेहत को सर्वोपरि रखते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा (HNB) उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने एक अभूतपूर्व डिजिटल पहल शुरू की है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श (Health Advisory) प्राप्त कर सकेंगे।
‘आस्था के साथ सावधानी’: राज्यपाल का मूल मंत्र
हाल ही में 1 अप्रैल को ‘स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा’ पर आयोजित एक उच्च स्तरीय सेमिनार में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने ‘आस्था के साथ सावधानी’ का नारा दिया था। इसी विजन को साकार करते हुए विश्वविद्यालय ने विशेषज्ञों की राय को ऑनलाइन साझा किया है।
कुलपति प्रो. भानु दुग्गल के अनुसार, “उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले जोखिमों को कम करने के लिए विशेषज्ञों के सुझावों को अब सार्वजनिक कर दिया गया है। इससे यात्री शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को तैयार कर सकेंगे।”
वेबसाइट पर क्या होगा खास?
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी में केवल सामान्य निर्देश नहीं, बल्कि चिकित्सा जगत के दिग्गजों के विशेष परामर्श शामिल हैं:
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पद्मश्री डॉ. एससी मनचंदा के हृदय रोगों से बचाव के टिप्स।
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डॉ. पंकज सिंह और डॉ. आशुतोष तिवारी द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों (High Altitude) के लिए सुझाई गई सावधानियां।
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ठंड और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव के तरीके।
चारधाम यात्रियों के लिए चेकलिस्ट (विशेषज्ञों के अनुसार):
| विषय | सावधानी के निर्देश |
| हेल्थ स्क्रीनिंग | यात्रा से पहले कार्डियोलॉजी और पल्मोनरी चेकअप अनिवार्य रूप से कराएं। |
| अनुकूलन (Acclimatization) | ऊंचाई पर जाने से पहले शरीर को वातावरण के अनुसार ढालने के लिए बीच में विश्राम लें। |
| आपातकालीन दवाएं | पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई लाइफ-सेविंग ड्रग्स साथ रखें। |
| डिजिटल एक्सेस | विवि की वेबसाइट से अपनी बीमारी के अनुसार डाइट चार्ट और प्रिकॉशन डाउनलोड करें। |
क्यों जरूरी है यह पहल?
बीते वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान हृदय गति रुकने और ‘माउंटेन सिकनेस’ के कारण कई अप्रिय घटनाएं देखने को मिली थीं। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस बार तकनीक के माध्यम से हर यात्री तक पहुंचना चाहती है। सेमिनार में लिए गए निर्णयों को अब एक क्लिक पर उपलब्ध कराकर, प्रशासन ने ‘सुरक्षित चारधाम यात्रा’ का रोडमैप तैयार कर लिया है।
श्रद्धालुओं के लिए संदेश
यदि आप केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री या यमुनोत्री की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्वास्थ्य परामर्श को जरूर पढ़ें। यह न केवल आपकी यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में आपकी जान भी बचा सकता है।
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