लखनऊ | मंगलवार, 7 अप्रैल, 2026
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (UP ATS) ने देश विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक और बड़ी स्ट्राइक की है। सुरक्षा एजेंसियों ने शामली जिले के विभिन्न इलाकों में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए एक महिला सहित चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। प्राथमिक जांच में इन संदिग्धों के तार सीमा पार बैठे हैंडलर्स और ISI से जुड़े होने का संदेह जताया जा रहा है।
प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश
सूत्रों के अनुसार, एटीएस को पिछले कुछ दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि शामली के कुछ स्थानीय निवासी एक संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संपर्क में हैं। सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात को एटीएस की अलग-अलग टीमों ने जिले के संवेदनशील इलाकों में एक साथ छापेमारी की। सुरक्षा कारणों से विशिष्ट स्थानों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन यह ऑपरेशन पूरी तरह ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तर्ज पर गुप्त रखा गया था।
क्या है मुख्य आरोप?
हिरासत में लिए गए लोगों पर निम्नलिखित गतिविधियों में शामिल होने का संदेह है:
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महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की रेकी: प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि ये संदिग्ध रेलवे स्टेशनों, पुलिस थानों और कुछ वीआईपी मूवमेंट की रेकी कर रहे थे।
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डिजिटल जासूसी: एटीएस ने इनके पास से कई मोबाइल फोन और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। दावा किया जा रहा है कि ये लोग टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए ‘विदेशी आकाओं’ को जानकारी भेज रहे थे।
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स्लीपर सेल कनेक्शन: जांच का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित है कि क्या ये लोग शामली में कोई ‘स्लीपर सेल’ तैयार कर रहे थे।
जब्त किए गए उपकरणों की फॉरेंसिक जांच
एटीएस के अधिकारियों ने हिरासत में लिए गए चारों व्यक्तियों को अज्ञात स्थान पर ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है। उनके पास से मिले:
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7 स्मार्टफोन और सिम कार्ड।
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संदिग्ध दस्तावेज और कुछ बैंक पासबुक।
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डिजिटल चैट के कुछ स्क्रीनशॉट्स जो सीधे तौर पर देश विरोधी नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
सुरक्षा अलर्ट पर उत्तर प्रदेश
हाल के दिनों में मेरठ, नोएडा और लखनऊ से हुई गिरफ्तारियों के बाद शामली की यह कार्रवाई बेहद अहम मानी जा रही है। एटीएस इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये चारों संदिग्ध उसी नेटवर्क का हिस्सा हैं जिसने हाल ही में पश्चिमी यूपी के अन्य शहरों में पैठ बनाने की कोशिश की थी।
अधिकारियों का बयान: “मामला बेहद संवेदनशील है और जांच शुरुआती चरण में है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही हम इस बात की पुष्टि कर पाएंगे कि उनकी वास्तविक योजना क्या थी। एटीएस पूरी मुस्तैदी से सुरक्षा खतरों को बेअसर करने में जुटी है।”
अगला कदम क्या होगा?
एटीएस की टीम संभवतः इन संदिग्धों को लखनऊ मुख्यालय ले जाएगी, जहाँ उन्हें विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उन्हें किसी ‘टेरर फंडिंग’ के जरिए पैसा मिल रहा था।
Matribhumisamachar


