सहारनपुर | शनिवार, 11 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश की एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (ATS) ने शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सहारनपुर जिले के देवबंद से एक मुस्लिम धर्मगुरु मुफ्ती जाकिर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, भ्रामक जानकारी फैलाने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने के गंभीर आरोप हैं।
एटीएस की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली देवबंद में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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पाकिस्तानी नंबरों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
एटीएस की शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे काफी चौंकाने वाले हैं। गिरफ्तार मुफ्ती के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में पाकिस्तान और कुछ अन्य विदेशी देशों के संदिग्ध व्हाट्सएप नंबर मिले हैं।
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विदेशी संपर्क: आरोपी कथित तौर पर पड़ोसी देश के कुछ अज्ञात लोगों के साथ नियमित संपर्क में था।
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संवेदनशील मुद्दे: जांच में पता चला है कि मुफ्ती जाकिर CAA, NRC, राम मंदिर फैसले और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर भड़काऊ सामग्री साझा कर लोगों को सरकार और कानून के खिलाफ उकसा रहा था।
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उमर खालिद से प्रभावित: जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के मोबाइल में पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद के वीडियो भी मिले हैं, जिनसे वह प्रभावित बताया जा रहा है।
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अलीगढ़ का छात्र हिरासत में: बड़े नेटवर्क का शक
इस मामले में केवल मुफ्ती की गिरफ्तारी ही नहीं हुई है, बल्कि एटीएस ने अलीगढ़ में पढ़ाई कर रहे एक छात्र को भी हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह छात्र मुफ्ती जाकिर के सीधे संपर्क में था और डिजिटल गतिविधियों में उसकी मदद कर रहा था। फिलहाल उससे किसी गोपनीय स्थान पर गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
“हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या मुफ्ती जाकिर किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या स्लीपर सेल का हिस्सा है। उसके डिजिटल पदचिह्नों (Digital Footprints) की बारीकी से निगरानी की जा रही है।”
— एटीएस जांच टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी
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देवबंद में सुरक्षा अलर्ट
देवबंद के क्षेत्राधिकारी (CO) अभितेष सिंह ने पुष्टि की है कि मामले में विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। गिरफ्तारी के बाद से देवबंद और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह न फैल सके।
निष्कर्ष:
सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि मुफ्ती जाकिर के जरिए और भी कई स्थानीय लोग इस संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं, जो इस पूरे मामले से पर्दा उठाएंगी।
Matribhumisamachar


