ढाका. बांग्लादेश के राजनीतिक क्षितिज पर 17 साल बाद एक बड़ा बदलाव आया है। 12 फरवरी 2026 को हुए 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। 2024 के छात्र आंदोलन और शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद देश में हुए इन पहले स्वतंत्र चुनावों में जनता ने स्पष्ट रूप से बदलाव के पक्ष में मतदान किया है।
मुख्य चुनावी परिणाम एक नजर में
चुनाव आयोग द्वारा जारी अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, 300 संसदीय सीटों में से 299 पर मतदान हुआ, जिसके परिणाम इस प्रकार हैं:
| पार्टी/गठबंधन | सीटें (अनुमानित) | स्थिति |
| बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) | 209 – 212 | पूर्ण बहुमत (दो-तिहाई) |
| जमात-ए-इस्लामी (11-दलीय गठबंधन) | 68 – 77 | मुख्य विपक्षी दल |
| अन्य (निर्दलीय व छोटे दल) | 10 – 15 | – |
| अवामी लीग | प्रतिबंधित | चुनाव से बाहर |
बड़ी बातें: जो इस चुनाव को ऐतिहासिक बनाती हैं
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17 साल का निर्वासन खत्म: BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान, जो करीब दो दशक से लंदन में निर्वासन में थे, प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वे बोगरा-6 और ढाका-17 दोनों सीटों से भारी मतों से जीते हैं।
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संविधान में बड़ा बदलाव: चुनाव के साथ हुए ‘जुलाई चार्टर’ जनमत संग्रह को जनता ने 68% ‘हाँ’ के साथ स्वीकार किया है। अब बांग्लादेश में कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक प्रधानमंत्री नहीं बन सकेगा।
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महिलाओं का दबदबा: जमात-ए-इस्लामी की कट्टरपंथी टिप्पणियों के बावजूद, जनता ने महिलाओं पर भरोसा दिखाया। अफरोजा खान रीता और निर्दलीय रूमिन फरहाना सहित 7 महिला उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
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अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व: BNP के वरिष्ठ हिंदू नेता गयेश्वर चंद्र रॉय की ढाका से जीत को देश में सांप्रदायिक सद्भाव की वापसी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर बधाई दी और एक “लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश” के साथ काम करने का भरोसा जताया। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी मतदान के ऊंचे प्रतिशत (60%) और शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया की सराहना की है।
चुनौतियां बरकरार
नई सरकार के लिए राह आसान नहीं होगी। चरमराई अर्थव्यवस्था को संभालना, राजनीतिक प्रतिशोध की भावना को रोकना और भारत के साथ शेख हसीना के प्रत्यर्पण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कूटनीतिक संतुलन बनाना तारिक रहमान की पहली प्राथमिकता होगी।
विशेष नोट: तारिक रहमान शनिवार को ढाका के बंगभवन में प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं।
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