भोपाल । शनिवार, 16 मई 2026
मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ के माढ़ोताल थाना क्षेत्र (रिमझा) के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित सेंट एलायसिस स्कूल (St. Aloysius School) पर अपनी महिला सफाई कर्मचारियों पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित महिलाओं का दावा है कि जब उन्होंने ईसाई मजहब अपनाने से साफ इनकार कर दिया, तो उन्हें बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से बाहर निकाल दिया गया।
इस घटना के बाद से स्थानीय स्तर पर तनाव व्याप्त है और ‘हिंदू धर्मसेना’ सहित कई दक्षिणपंथी संगठनों ने पीड़ितों के पक्ष में आकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला? (पीड़ितों की आपबीती)
शारदा विहार की रहने वाली पीड़ित महिला कर्मचारी दीपा पटेल ने बताया कि वह साल 2024 से इस स्कूल में सफाई कर्मी के रूप में ईमानदारी से काम कर रही थीं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन स्कूल में नए फादर सोमी जैकब (Fr. Somy Jacob) और कुछ नए प्रशासनिक स्टाफ के आने के बाद स्थितियां पूरी तरह बदल गईं।
दीपा का आरोप है कि नए प्रबंधन द्वारा उन पर लगातार चर्च आने और हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने का मानसिक दबाव बनाया जाने लगा। जब उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था से समझौता करने से मना कर दिया, तो उन्हें काम से निकाल दिया गया।
इसी तरह कंटगी के रहने वाले राजेश बाल्मिक ने भी स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। राजेश पिछले 12 वर्षों से स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका आरोप है कि इतने लंबे सेवाकाल के बावजूद उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव डाला गया और मना करने पर महज दो महीने का वेतन थमाकर सेवा से मुक्त कर दिया गया। कुल मिलाकर 3 से 4 महिला कर्मचारियों को इसी वजह से रोजगार से हाथ धोना पड़ा है। महिलाओं ने रोते हुए अपने परिवार और बच्चों की दुहाई दी, लेकिन कथित तौर पर फादर ने उनकी एक न सुनी।
सड़क पर उतरे हिंदू संगठन: उग्र आंदोलन की चेतावनी
जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, हिंदू धर्मसेना और अन्य स्थानीय संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता पीड़ितों के समर्थन में आ गए। कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रबंधन और फादर सोमी जैकब के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया।
संगठनों का कहना है कि शिक्षा के मंदिरों की आड़ में इस तरह का आर्थिक शोषण और धार्मिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू धर्मसेना ने जिला प्रशासन और पुलिस को खुले तौर पर चेतावनी दी है कि यदि इस घिनौने कृत्य में शामिल आरोपी फादर और स्टाफ के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे स्कूल परिसर के मुख्य द्वार पर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।
पुलिस प्रशासन का रुख और जांच की स्थिति
अचानक रोजगार छिन जाने और आर्थिक संकट से घिरीं पीड़ित महिलाएं न्याय की गुहार लेकर एडिशनल एसपी (ASP) के पास पहुंचीं। महिलाओं की आपबीती सुनने के बाद पुलिस महकमा तुरंत हरकत में आया।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे संवेदनशील मामले की शिकायत दर्ज कर ली गई है और इसकी विस्तृत जांच विजय नगर थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और स्कूल के अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उसके आधार पर मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (Anti-Conversion Law) के तहत निष्पक्ष और कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Matribhumisamachar


