मुंबई | शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित देश की प्रतिष्ठित आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) के कैंपस से शुरू हुआ उत्पीड़न का मामला अब एक बड़े ‘हाइब्रिड टेरर’ नेटवर्क के खुलासे की ओर बढ़ रहा है। 12 महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों ने सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया है।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि उन्हें न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, बल्कि उन पर इस्लाम अपनाने, नमाज पढ़ने और कलमा पढ़ने के लिए निरंतर दबाव बनाया गया।
जांच का दायरा: दिल्ली पुलिस और SIT की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस की SIT के साथ अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी समन्वय कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की टीमें भिंडी और मुंबई के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
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निदा खान की तलाश: मुख्य आरोपी और पूर्व एचआर मैनेजर निदा खान फिलहाल फरार है। ताजा अपडेट के अनुसार, उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) की अर्जी दी है।
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अश्विनी चनानी की गिरफ्तारी: कंपनी की ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चनानी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पिछले 4 वर्षों से पीड़ित महिलाओं द्वारा की जा रही शिकायतों को नजरअंदाज किया और आरोपियों को संरक्षण दिया।
‘हाइब्रिड टेरर’ और आतंकी कनेक्शन
जांच एजेंसियां इस मामले को “व्हाइट-कॉलर टेररिज्म” मान रही हैं। जांच में यह तथ्य सामने आया है कि निदा खान कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े नेटवर्क और लाल किला बम धमाके की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद के संपर्क में थी। एजेंसियों को संदेह है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य कॉर्पोरेट सेक्टर के उच्च पदों का लाभ उठाकर शिक्षित युवाओं का ब्रेनवॉश करना और उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ना था।
TCS का कड़ा रुख और आंतरिक जांच
टाटा समूह ने इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।
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निलंबन: नामजद सभी 8 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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आंतरिक कमेटी: कंपनी ने अपनी COO आरती सुब्रमण्यम के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है जो कंपनी के भीतर हुए इस ‘सिस्टमेटिक फेल्योर’ की जांच करेगी।
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सहयोग: कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि वे NIA और पुलिस प्रशासन को हर संभव डिजिटल साक्ष्य (ईमेल, चैट लॉग्स) उपलब्ध करा रहे हैं।
क्या है वर्तमान स्थिति?
अब तक इस मामले में कुल 9 FIR दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें शफी शेख और रजा मेमन शामिल हैं। हाल ही में जेल के भीतर अन्य कैदियों द्वारा आरोपी शफी शेख की पिटाई की खबरें भी सामने आई हैं, जिसके बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
मुख्य बिंदु:
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दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और SIT की संयुक्त जांच तेज, मुख्य आरोपी निदा खान के लिए लुकआउट नोटिस संभव।
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ऑपरेशंस मैनेजर अश्विनी चनानी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया; शिकायतों को दबाने का आरोप।
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जैश-ए-मोहम्मद और लाल किला धमाके की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद से तार जुड़ने के दावों की जांच जारी।
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TCS ने आंतरिक जांच के लिए मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) आरती सुब्रमण्यम को नियुक्त किया।
विशेष टिप्पणी: यह मामला देश में अपनी तरह का पहला ऐसा प्रकरण है जहां एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर संगठित तरीके से कट्टरपंथी गतिविधियों के संचालन का आरोप लगा है। आने वाले दिनों में NIA की औपचारिक एंट्री इस जांच को नया आयाम दे सकती है।
Matribhumisamachar


