नई दिल्ली । गुरुवार, 21 मई 2026
देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके से एक ऐसी दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है जिसने पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक 23 वर्षीय युवती ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए एक सुनियोजित साजिश, पहचान छिपाकर की गई धोखाधड़ी, अपहरण, सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) और जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दी गई अमानवीय शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है और मुख्य आरोपी फहीम समेत 4 लोगों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर ‘साहिल’ बनकर बुना जाल
पीड़ित युवती द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, यह खौफनाक सिलसिला साल 2021 में शुरू हुआ था। सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने अपना नाम ‘साहिल’ बताया। उसने खुद को एक बेहद संपन्न और संभ्रांत हिंदू परिवार का लड़का प्रदर्शित किया। शादी का झांसा देकर और खुद को रईस खानदान का बताकर उसने धीरे-धीरे युवती का भरोसा जीत लिया। हालांकि, युवती को बाद में पता चला कि उसका असली नाम साहिल नहीं बल्कि फहीम है।
बटला हाउस में अपहरण और पहली बार गैंगरेप
युवती का आरोप है कि साल 2022 में आरोपी फहीम ने उसे दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बटला हाउस (जामिया नगर) इलाके में मिलने के लिए बुलाया। जैसे ही युवती वहां पहुंची, कुछ अन्य लोगों की मदद से कथित तौर पर उसका अपहरण कर लिया गया। इसके बाद एक सुनसान ठिकाने पर उसके साथ बर्बरता से सामूहिक बलात्कार (गैंगरेप) किया गया।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने इस घिनौनी वारदात का एक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो और आपत्तिजनक तस्वीरों के आधार पर युवती का जीना हराम कर दिया गया और उसे लगातार ब्लैकमेल किया जाने लगा।
मेरठ के ‘टॉर्चर हाउस’ में खूनी प्रताड़ना और मांस फेंकने का आरोप
ब्लैकमेलिंग के जरिए आरोपियों ने युवती को उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर ले जाकर बंधक बना लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मेरठ में उसके साथ दोबारा सामूहिक बलात्कार किया गया। वहां उसे जबरन इस्लाम धर्म अपनाने के लिए विवश किया जाने लगा।
पीड़िता ने अपने बयानों में जो बातें बताईं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाली हैं:
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मेरठ में रहने के दौरान उसे पता चला कि फहीम और उसका पूरा परिवार कथित रूप से अवैध हथियारों की तस्करी और डीलिंग के काले कारोबार से जुड़ा हुआ है।
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युवती का मनोबल तोड़ने और उसे डराने के लिए उसे जबरन खून में भिगोया जाता था।
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उसके ऊपर और उसके आसपास जानवरों का मांस फेंका जाता था ताकि वह मानसिक रूप से टूट जाए और धर्म बदलने के लिए राजी हो जाए।
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इस घिनौने कृत्य में ‘तस्लीम मौलवी’ नाम के एक शख्स ने भी बढ़-चढ़कर भूमिका निभाई और युवती को प्रताड़ित किया।
मंडोली जेल और दुबई के नंबरों से धमकियां
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी प्रताड़ना के बीच साल 2025 में हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने एक अन्य मामले में फहीम को गिरफ्तार किया था। उस दौरान फहीम के मोबाइल फोन से इस पीड़ित युवती की कई आपत्तिजनक तस्वीरें और ब्लैकमेलिंग वाले वीडियो भी बरामद हुए थे।
गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपी को दिल्ली की मंडोली जेल में स्थानांतरित किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि जेल के भीतर होने के बावजूद फहीम के हौसले पस्त नहीं हुए। उसने जेल के अंदर से फोन करके युवती को केस न करने और जुबान बंद रखने की धमकियां दीं। इतना ही नहीं, युवती के पास अंतरराष्ट्रीय (दुबई के) नंबरों से भी धमकी भरे फोन कॉल्स आए, जिससे स्पष्ट होता है कि इस नेटवर्क के तार काफी गहरे जुड़े हुए हैं।
जांच
पुलिस सूत्रों और ताजा जांच रिपोर्टों के अनुसार, शुरुआती खबरों में कयास लगाए जा रहे थे कि वारदात केवल दिल्ली से संचालित हो रही थी, लेकिन अब जांच का दायरा दिल्ली, गुरुग्राम और मेरठ तक फैल चुका है।
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थाना क्षेत्राधिकार: चूंकि अपराध की पहली कड़ी और अपहरण की शुरुआत दिल्ली के बटला हाउस इलाके से हुई थी, इसलिए दिल्ली पुलिस के जामिया नगर थाने में जीरो एफआईआर न करके मुख्य एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है।
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गिरफ्तारियां: पुलिस ने दबिश देकर इस मामले से जुड़े कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें फहीम के कुछ करीबी सहयोगी और प्रताड़ना में शामिल लोग बताए जा रहे हैं।
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अवैध हथियारों और अंतरराष्ट्रीय कॉल्स का एंगल: दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि मंडोली जेल के अंदर आरोपी तक फोन कैसे पहुंचा और दुबई के नंबरों से कॉल करने वाले लोग कौन हैं। मेरठ में अवैध हथियारों के इनपुट को लेकर यूपी पुलिस से भी संपर्क साधा जा सकता है।
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