लखनऊ । गुरुवार, 02 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश बिजली दरें 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को लगातार सातवें वर्ष एक बड़ी राहत दी है। वर्ष 2026-27 के लिए बिजली की मूल दरों (Base Tariff) में कोई बढ़ोतरी नहीं करने का फैसला किया गया है। इसके साथ ही, राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए दिन के समय चार्जिंग पर 20% की विशेष छूट की घोषणा की गई है।
लेकिन इसी बीच उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी सुधार और तकनीकी अपडेट समझना भी बेहद आवश्यक है। मूल दरें स्थिर रहने के बावजूद, उपभोक्ताओं के मासिक बजट पर एक नया वित्तीय बोझ आ गया है।
बड़ा सुधार: मूल दरें स्थिर, लेकिन बिल में जुड़ेगा 10% ईंधन अधिभार
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्पष्ट किया है कि प्रति यूनिट जो फिक्स रेट (Base Tariff) तय था, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि, जून 2026 के बिल से उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी ईंधन अधिभार शुल्क (Fuel Surcharge Adjustment / FPPAS) लगाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है।
नियमों के मुताबिक, वितरण कंपनियों (Discoms) द्वारा खरीदी गई महंगी बिजली या कोयले की अतिरिक्त लागत को ठीक तीन महीने बाद उपभोक्ताओं से वसूला जाता है। मार्च 2026 में वैश्विक स्तर पर ईंधन की बढ़ी कीमतों के कारण जून के बिलिंग चक्र में यह 10% का अधिकतम सरचार्ज जोड़ा गया है।
दिन के समय EV चार्जिंग करने पर 20% की भारी छूट
पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राज्य के EV चार्जिंग स्टेशनों पर दिन के समय (पीक आवर्स को छोड़कर) वाहनों को चार्ज करने पर बिजली दरों में 20 प्रतिशत की सीधी छूट मिलेगी।
यह फैसला ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ नीति के तहत लिया गया है। इससे दो मुख्य फायदे होंगे:
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उपभोक्ताओं को बचत: EV चालकों और कमर्शियल चार्जिंग स्टेशन ऑपरेटरों की परिचालन लागत (Operational Cost) काफी कम हो जाएगी।
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ग्रिड का संतुलन: दिन के समय जब सोलर एनर्जी (सौर ऊर्जा) का उत्पादन सबसे ज्यादा होता है, तब चार्जिंग बढ़ने से बिजली ग्रिड पर लोड संतुलित रहेगा।
विभिन्न वर्गों पर इस घोषणा का सीधा असर
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आम उपभोक्ता और मध्यम वर्ग: मूल दरें न बढ़ने से राहत है, लेकिन 10% ईंधन अधिभार के कारण जून महीने का कुल बिल थोड़ा बढ़कर आएगा।
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किसान और छोटे उद्योग: खेती (नलकूपों) और छोटे उद्योगों के लिए स्थिर दरें रीढ़ की हड्डी साबित होंगी, जिससे उनका उत्पादन खर्च नियंत्रित रहेगा।
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EV उद्यमी और वाहन मालिक: 20% की छूट से राज्य में नए चार्जिंग स्टेशन खोलने वाले उद्यमियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि बिना मूल दरें बढ़ाए ही पूरे राज्य को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
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