गुरुवार, मई 07 2026 | 07:06:00 AM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / कनाडा ने अभी तक नहीं की खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डाला की गिरफ्तारी की पुष्टि

कनाडा ने अभी तक नहीं की खालिस्तानी आतंकवादी अर्श डाला की गिरफ्तारी की पुष्टि

Follow us on:

टोरंटो. भारत का मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकवादी अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श डाला को कनाडा के ओंटारियो प्रांत में गोलीबारी की घटना के बाद गिरफ्तार किया गया है. यह दावा सूत्रों ने रविवार को किया. बताया जा रहा है कि यह घटना 28 अक्टूबर को मिल्टन में हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा. कनाडा ने डाला के गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है.

गोलीबारी के आरोप में दो लोग हिरासत में

हैल्टन क्षेत्रीय पुलिस सेवा (एचआरपीएस) ने 29 अक्टूबर को जानकारी दी थी कि उन्होंने गोलीबारी की जांच के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से एक घायल था, जिसका इलाज अस्पताल में हुआ और बाद में उसे छुट्टी दे दी गई. पुलिस ने उसकी पहचान को गुप्त रखा है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इनमें से एक व्यक्ति अर्श डाला हो सकता है.

केटीएफ से संबंध

अर्श डाला खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) से जुड़ा हुए है और मारे गए आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर का समर्थक है. डाला कई आतंकी गतिविधियों में शामिल बताया जाता है. उसके संगठन को लेकर कनाडा और भारत के बीच तनाव बना हुआ है. पुलिस के अनुसार दोनों गिरफ्तार व्यक्तियों पर जानबूझकर गोलीबारी करने का आरोप है. फिलहाल दोनों को जमानत की सुनवाई तक हिरासत में रखा गया है.

अस्पताल में घायल आरोपी की मौजूदगी

हैल्टन पुलिस ने बताया कि 28 अक्टूबर की सुबह दो व्यक्ति गोलीबारी के बाद इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे. उनमें से एक को गोली लगी थी और उसका इलाज कर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी. पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है और आगे की जानकारी जुटा रही है.

पंजाब पुलिस का डासा गिरोह पर अभियान

इसी बीच पंजाब पुलिस ने भी अर्श डाला के गिरोह के दो सदस्यों को सिख कार्यकर्ता की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है. डीजीपी गौरव यादव के अनुसार यह कार्रवाई राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ, गैंगस्टर रोधी कार्य बल और फरीदकोट पुलिस के संयुक्त अभियान में हुई. पकड़े गए संदिग्धों का नाम अनमोलप्रीत सिंह और नवजोत सिंह बताया गया है.

भारत में डाला की आतंकवादी गतिविधियां

भारत सरकार ने पिछले साल अर्श डाला को आतंकवादी घोषित किया था. उसपर लक्षित हत्याओं, आतंकवाद के वित्तपोषण, जबरन वसूली, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप हैं. उसकी गतिविधियों पर एनआईए की गहन जांच चल रही है. डाला पर पंजाब में हिंसा और आतंक फैलाने का आरोप है.

राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती

डाला की गिरफ्तारी से दोनों देशों के बीच आतंकवाद से निपटने के प्रयासों में एक नई पहल हो सकती है. भारत और कनाडा के बीच खालिस्तानी आतंकवाद को लेकर कई मुद्दों पर सहयोग की जरूरत है. जिससे भविष्य में ऐसे चरमपंथियों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सके.

साभार : जी न्यूज़

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

युद्ध की आग में झुलसता ईरान: क्या यह अंत की शुरुआत है?

तेहरान । सोमवार, 4 मई 2026 तेहरान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली …