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रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला कर एनर्जी साइट को पहुँचाया भारी नुकसान

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मास्को. रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से संघर्ष चल रहा है. इस बीच शुक्रवार की सुबह, रूस के एक बड़े हमले ने यूक्रेन की राजधानी कीव में हड़कंप मचा दिया. इस हमले के दौरान एक इमारत में आग लग गई और कई एनर्जी साइट्स को भी निशाना बनाया गया. जिससे राजधानी के कुछ हिस्सों में बिजली गुल हो गई. कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि इस हमले में 9 लोग घायल हुए, जिनमें से 5 को तुरंत अस्पताल ले जाया गया. उन्होंने कहा कि डनिप्रो नदी के पूर्वी किनारे के कुछ जिलों में बिजली कट गई.

अपार्टमेंट्स में लगी आग

इस अटैक के बाद तबाही की तस्वीरें भी सामने आई. ऑनलाइन शेयर की गई तस्वीरों में देखा गया कि अपार्टमेंट्स में आग लगी हुई थी और दमकल कर्मी आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंच चुके थे. इसके अलावा, मार गिराए गए ड्रोन के टुकड़े शहर के कई हिस्सों में गिरे. ऊर्जा मंत्री स्वितलाना ग्रिंचुक ने बताया कि रूस ने कीव के एनर्जी साइट्स पर हमला किया. उन्होंने फेसबुक पर लिखा कि ऊर्जा विशेषज्ञ सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं ताकि नेगिटिव प्रभाव को कम किया जा सके.

रूस बना रहा एनर्जी साइट्स को निशाना

पिछले कुछ हफ्तों में, रूस ने खासकर यूक्रेन की ऊर्जा संरचना को निशाना बनाना शुरू कर दिया है, क्योंकि सर्दियों का मौसम नजदीक है और रूस-यूक्रेन के बीच का युद्ध साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से चल रहा है. पिछले हफ्ते हुए एक बड़े मिसाइल और ड्रोन हमले में यूक्रेन की कई मुख्य गैस उत्पादन सुविधाओं को भारी नुकसान हुआ है. कीव की सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर त्काचेन्को ने बताया कि राजधानी पर देर रात हुए हमले में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि ड्रोन की वजह से आग लगी. आग ने शहर के पेचेरस्की जिले में एक उच्च-आवासीय ब्लॉक के 6वीं और 7वीं मंजिल के अपार्टमेंट्स को प्रभावित किया. साउथईस्ट में स्थित जापोरिज्जिया शहर में भी रूस के ड्रोन ने कई लक्ष्यों को मारा. स्थानीय गवर्नर के अनुसार, तीन लोग घायल हुए और कम से कम एक आवासीय भवन में आग लगी.

साढ़े तीन साल से चल रहा युद्ध

यह हमला एक ऐसे समय में हुआ है जब यूक्रेन और रूस के बीच संघर्ष साढ़े तीन साल से चल रहा है. रूस की रणनीति लगातार ऊर्जा स्थलों पर हमलों के जरिए नागरिक और प्रशासनिक संरचना को कमजोर करना रही है. इन हमलों का मकसद न सिर्फ शहरों में दहशत फैलाना है. इस हमले ने एक बार फिर से दिखा दिया कि युद्ध के दौरान शहरी केंद्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले कितने विनाशकारी साबित हो सकते हैं. कीव प्रशासन ने यह भी साफ किया कि जैसे ही स्थिति सुरक्षित होगी, पूरी तरह से मरम्मत और बहाली का काम शुरू किया जाएगा.

जेलेंस्की का बयान आया सामने

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि मॉस्को ऊर्जा सुविधाओं और रेलवे को निशाना बनाकर अराजकता फैलाने और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. जेलेंस्की ने बताया कि इस साल रूस के हमलों से यूक्रेन की गैस सप्लाई सिस्टम पहले से ही दबाव में आ गई है. अगर रूस के हमले ऐसे ही जारी रहे तो यूक्रेन को गैस का आयात और बढ़ाना पड़ सकता है.

यूक्रेन भी कर रहा पलटवार

दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के अंदर ड्रोन और मिसाइल हमलों को तेज कर दिया है. जेलेंस्की का कहना है कि इस रणनीति से नतीजे मिल रहे हैं और रूस में ईंधन (फ्यूल) की कीमतें बढ़ रही हैं. यूक्रेन ने रूस के बेलगोरोद सीमा क्षेत्र में स्थित एक बिजली स्टेशन पर भी हमला किया, जिससे वहां बिजली गुल हो गई. रूस ने गुरुवार को यूक्रेन पर आरोप लगाया कि उसने एक ऐसी पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया है जो पहले अमोनिया गैस को यूक्रेन के जरिए दूसरे देशों में भेजने के लिए इस्तेमाल होती थी. इस पाइपलाइन के टूटने से जहरीली गैस बाहर निकलने लगी.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

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