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क्या भारत में वाकई है ‘गैस संकट’? सरकार ने जारी किया बड़ा स्पष्टीकरण, पैनिक बाइंग न करने की अपील

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पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा प्रेस ब्रीफिंग के दौरान

नई दिल्ली. पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय बाजारों में ‘गैस संकट’ को लेकर चल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है।

100% क्षमता पर काम कर रही हैं रिफाइनरियां

मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुझाता शर्मा ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन मीट्रिक टन है। वर्तमान में देश की सभी रिफाइनरियां अपनी 100 प्रतिशत या उससे अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं। इसका सीधा अर्थ है कि भारत पेट्रोल और डीजल के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर है और हमें इनके आयात की फिलहाल कोई आवश्यकता नहीं है।

LPG उत्पादन में 30% का बड़ा उछाल

घरेलू रसोई गैस (LPG) की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि की है।

  • उत्पादन वृद्धि: 5 मार्च की तुलना में रिफाइनरियों ने LPG उत्पादन में 30% तक की बढ़ोतरी की है।

  • प्राथमिकता: अस्पतालों, छात्रावासों और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों।

  • वितरण नेटवर्क: देश भर के लगभग 25,000 गैस वितरकों के पास स्टॉक की निरंतर निगरानी की जा रही है।

राज्यों को सौंपी गई नई जिम्मेदारी

कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने और सही वितरण सुनिश्चित करने के लिए केंद्र ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब कमर्शियल सिलेंडरों के वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंपी गई है। राज्य सरकारें अपने स्तर पर प्राथमिकता सूची तैयार करेंगी ताकि होटल, रेस्टोरेंट और एमएसएमई (MSME) सेक्टर को जरूरत के हिसाब से गैस मिल सके।

PNG और CNG: भविष्य का समाधान

सरकार ने बड़े शहरों के व्यावसायिक उपभोक्ताओं से एक खास अपील की है। एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए उपभोक्ताओं को PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

“City Gas Distribution (CGD) नेटवर्क का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। PNG न केवल सुरक्षित है बल्कि यह सिलेंडर बुकिंग के झंझट से भी मुक्ति दिलाती है।” – मंत्रालय का आधिकारिक बयान

प्रमुख आंकड़े एक नज़र में:

  • रिफाइनिंग क्षमता: 258 मिलियन मीट्रिक टन।

  • LPG प्रोडक्शन ग्रोथ: 30% (5 मार्च के बाद से)।

  • डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क: 25,000 से अधिक सक्रिय वितरक।

  • कच्चा तेल: रिफाइनरियों के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद।

पैनिक बाइंग और अफवाहों से बचें

सोशल मीडिया पर पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनों के वीडियो वायरल होने के बाद सरकार ने नागरिकों से संयम बरतने की अपील की है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि “पैनिक बाइंग” (घबराहट में स्टॉक जमा करना) के कारण कृत्रिम किल्लत पैदा होती है। आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध है और किसी भी पेट्रोल पंप पर स्टॉक खत्म होने की आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू स्तर पर उत्पादन और वितरण को मजबूत बनाया गया है।

matribhumisamachar.com

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