वृंदावन । शनिवार, 2 मई 2026
मनोरंजन जगत की चमक-धमक वाली दुनिया को छोड़कर वैराग्य की राह चुनना कोई आसान फैसला नहीं होता, लेकिन टीवी जगत की जानी-मानी अभिनेत्री अन्ना जयसिंघानी ने इसे संभव कर दिखाया है। ‘सावधान इंडिया’ और ‘देखा एक ख्वाब’ जैसे प्रसिद्ध शोज में काम करने वाली अन्ना अब ‘अन्ना परी हरिवंशी’ के रूप में वृंदावन की कुंज गलियों में श्री कृष्ण की भक्ति में लीन हैं।
ग्वालियर से मुंबई: सपनों की उड़ान
मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली अन्ना के मन में बचपन से ही रचनात्मकता का बीज था। वे एक बेहतरीन डांसर और कोरियोग्राफर थीं। साल 2011 में उन्होंने मुंबई का रुख किया और जल्द ही अपनी मेहनत के दम पर बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान और कोरियोग्राफर थॉमस पॉलसन के साथ काम करने का अवसर प्राप्त किया।
अभिनय में सफलता और ‘देखा एक ख्वाब’
कोरियोग्राफी में सफल होने के बावजूद अन्ना का झुकाव अभिनय की ओर था। उन्होंने एकता कपूर के ‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ से एक्टिंग सीखी। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें ‘सावधान इंडिया’ व ‘क्राइम पेट्रोल’ में महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलीं। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ ‘देखा एक ख्वाब’ सीरियल था, जिसमें उन्होंने मुख्य अभिनेत्री की सहेली ‘चक्की’ का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।
बदलाव की शुरुआत: इस्कॉन और सात्विक जीवन
मुंबई में रहते हुए अन्ना के जीवन में आध्यात्मिक बदलाव तब आया जब वे अपने दोस्तों के साथ इस्कॉन (ISKCON) मंदिर जाने लगीं। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी जीवनशैली को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने शराब, मांसाहारी भोजन और यहाँ तक कि प्याज-लहसुन का भी त्याग कर दिया। वे घंटों कृष्ण भक्ति में बिताने लगीं और मन ही मन वृंदावन जाने की प्रार्थना करने लगीं।
प्रेमानंद जी महाराज का स्वप्न और दीक्षा
अन्ना की यात्रा का सबसे दिव्य क्षण वह था जब प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज उनके सपने में आए। अन्ना के अनुसार, महाराज जी ने उन्हें निरंतर ‘नाम जप’ करने का आदेश दिया। इस आध्यात्मिक संकेत के बाद उन्होंने अपनी जमी-जमाई करियर की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया और वृंदावन की शरण में चली गईं। उन्होंने महाराज जी से दीक्षा ली और अब वे पूरी तरह से एक कृष्ण भक्त का जीवन जी रही हैं।
‘मेरो वृंदावन’: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भक्ति का प्रसार
अन्ना भले ही अभिनय की दुनिया से दूर हैं, लेकिन वे अपने यूट्यूब चैनल ‘मेरो वृंदावन’ के जरिए आज भी लोगों से जुड़ी हुई हैं। इस चैनल पर वे अपनी दैनिक दिनचर्या, सत्संग के अनुभव और वृंदावन की महिमा साझा करती हैं। वे कहती हैं:
“यह भौतिक संसार केवल एक भ्रम है। सच्ची शांति और जीवन की सार्थकता केवल श्री कृष्ण के नाम जप में ही है।”
परिवार का अटूट सहयोग
अक्सर देखा जाता है कि करियर छोड़ने के फैसले पर परिवार विरोध करता है, लेकिन अन्ना खुशकिस्मत थीं। उनके परिवार ने ग्लैमर छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाने के उनके फैसले का तहे दिल से सम्मान किया और हर कदम पर उनका साथ दिया।
Matribhumisamachar


