गुरुवार, फ़रवरी 19 2026 | 08:35:15 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / भारत ने इजरायल कब्जे वाले गोलान हाइट्स से हटने वाले प्रस्ताव का किया समर्थन

भारत ने इजरायल कब्जे वाले गोलान हाइट्स से हटने वाले प्रस्ताव का किया समर्थन

Follow us on:

वाशिंगटन. भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव का समर्थन किया है जिसमें मांग की गई है कि इजरायल कब्जे वाले गोलान हाइट्स से हट जाए। यह वह क्षेत्र है जिसे यहूदी राष्ट्र ने 1967 के छह दिवसीय युद्ध में सीरिया से कब्जा लिया था। भारत उन 91 देशों में शामिल था, जिन्होंने मंगलवार को उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जिसमें क्षेत्र पर इजरायल के कब्जे को क्षेत्र में न्यायसंगत, व्यापक और स्थायी शांति के लिए एक बाधा घोषित किया गया था। फिलिस्तीन द्वारा समर्थित प्रस्ताव पर संभवतः कुछ समय के लिए अनुपस्थित रहने के बाद, प्रस्ताव के लिए नई दिल्ली के वोट ने इजरायल से जुड़े संघर्षों में अरब हितों के लिए अपने समर्थन की पुष्टि की।

इसने अनुपस्थित रहने का कारण 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इज़राइल पर किए गए नरसंहार की निंदा करने में प्रस्ताव की विफलता का हवाला दिया। यूरोपीय संघ के सदस्य, कई अन्य यूरोपीय देश और जापान उन देशों में शामिल थे जो अनुपस्थित रहे। अमेरिका और उसके सहयोगियों, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और इजरायल, तथा कुछ प्रशांत द्वीप देशों ने इसके खिलाफ मतदान किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत ने हमास आतंकवाद और इजरायल की जवाबी कार्रवाई में बड़े पैमाने पर हुईं नागरिकों की मौत की निंदा की, लेकिन सीधे तौर पर दोनों का नाम नहीं लिया।

भारत ने दो राष्‍ट्र सिद्धांत का किया समर्थन

फिलिस्तीन के लिए दो- देश समाधान और मानवीय सहायता के लिए समर्थन व्यक्त करते हुए, भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने मंगलवार को कहा, ”7 अक्टूबर को इजरायल में हुए आतंकवादी हमला चौंकाने वाला था। इसकी हम स्पष्ट रूप से निंदा करते है। आतंकवाद और बंधक बनाने का कोई औचित्य नहीं हो सकता।” ‘भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति रखता है।’ इजरायल की जवाबी कार्रवाई से पैदा हुए संकट पर कंबोज ने कहा, ”हम आज ऐसे समय में एकत्र हुए हैं जब मध्य पूर्व में चल रहे इजरायल-हमास संघर्ष के कारण सुरक्षा स्थिति बिगड़ रही है, बड़े पैमाने पर नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की जान जा रही है। यह एक चिंताजनक मानवीय संकट है।”

कंबोज ने कहा, ‘यह स्पष्ट रूप से अस्वीकार्य है और हमने नागरिकों की मौत की कड़ी निंदा की है।’ हमास के हमले में इजरायल में 1,200 से ज्यादा लोग मारे गए और करीब 240 लोगों को बंधक बना लिया गया। हमास के नियंत्रण वाले गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मुख्य रूप से हवाई बमबारी से इजरायल की जवाबी कार्रवाई में 14,800 से ज्यादा लोगों की जान गई है। कम्बोज ने हमास-इजरायल संघर्ष में युद्धविराम और कुछ बंधकों की रिहाई का स्वागत किया और बाकि बचे लोगों की रिहाई का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘मानवीय सहायता की समय पर और निरंतर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए मानवीय ठहराव एक स्वागत योग्य कदम है।’ उन्होंने कहा, भारत ने गाजा को 16.5 टन दवा और चिकित्सा आपूर्ति सहित 70 टन मानवीय सहायता भेजी है।

भारत ने इजरायल के खिलाफ नहीं दिया था वोट

बता दें कि हाल ही में भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन द्वारा समर्थित एक प्रस्ताव पर मतदान न करने पर कई अटकलें लगाईं गई थी। कहा गया था कि भारत फिलिस्तीन मुद्दे से दूरी बना रहा है। इस गलतफहमी को दूर करने के लिए कंबोज ने दो-देश समाधान के समर्थन को दोहराया। कंबोज ने कहा, ”भारत ने हमेशा इजराइल-फिलिस्तीन मुद्दे पर बातचीत के माध्यम से दो-देश समाधान का समर्थन किया है, जिससे फिलिस्तीन के एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य राज्य की स्थापना हो सके, जो इजराइल के साथ शांति, सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर रह सके।” उन्होंने कहा, ‘फ़िलिस्तीनी लोगों के साथ हमारा दीर्घकालिक संबंध, गहरे ऐतिहासिक और लोगों के बीच संबंधों पर आधारित है और फिलिस्तीन के लोगों को देश का दर्जा, शांति और समृद्धि के उनके प्रयासों में हमारा लगातार समर्थन है।’

साभार : नवभारत टाइम्स

भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

https://www।amazon।in/dp/9392581181/

https://www।flipkart।com/bharat-1857-se-1957-itihas-par-ek-drishti/p/itmcae8defbfefaf?pid=9789392581182

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

वलयाकार सूर्य ग्रहण 2026 रिंग ऑफ फायर का दृश्य।

साल का पहला सूर्य ग्रहण आज: आसमान में दिखेगी ‘रिंग ऑफ फायर’, जानें भारत पर इसका असर

नई दिल्ली. साल 2026 की पहली बड़ी खगोलीय घटना आज होने जा रही है। आज चंद्रमा, …