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असम सरकार ने पूरे राज्य में गोमांस के खरीदने और बेचने पर लगाया प्रतिबंध

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गुवाहाटी. असम की हिमंता बिस्वा सरमा सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पूरे राज्य में गोमांस पर बैन लगा दिया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असम के होटलों, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थानों पर गोमांस की खरीद और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस फैसले के बाद से ही राजनीति भी शुरू हो गई है। असम सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा- ‘मैं कांग्रेस को चैलेंज करता हूं कि वह असम सरकार के बीफ बैन के फैसले का स्वागत करे या फिर पाकिस्तान में जाकर सेटल हो जाए।’

कांग्रेस ने लगाया था आरोप

आपको बता दें कि असम से कांग्रेस के सांसद रकीबुल हुसैन ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि पार्टी ने नगांव जिले के सामगुरी विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम वोटरों को रिझाने के लिए बीफ पार्टी का आयोजन किया था। इसी पर पलटवार करते हुए कुछ दिन पहले ही असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि अगर असम कांग्रेस के अध्यक्ष उन्हें पत्र लिखकर बीफ बैन की मांग करें, तो वह इसे लागू करने के लिए तैयार हैं।

इन राज्यों में अभी भी प्रतिबंध नहीं

भारत एक ऐसा देश है, जहां लगभग 80 फीसदी आबादी हिंदू है। हिंदू गाय को पूजते हैं। यही वजह है कि देश में गोमांस पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग लंबे वक्त से हो रही है। कुछ राज्यों में ऐसी व्यवस्था है भी। लेकिन अभी भी कई राज्य ऐसे हैं, जहां गोमांस बेचने की छूट कानून में मिली हुई है। इन राज्यों में केरल, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और लक्षद्वीप (केंद्रशासित प्रदेश) शामिल हैं। असम भी इन्हीं राज्यों में से एक था, लेकिन अब हिमंता सरकार के फैसले के बाद वह गोमांस पर प्रतिबंध वाले राज्यों की सूची में शामिल हो गया है। जिन राज्यों में गोमांस पर पूरी तरह से बैन है, इसमें जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली और चंडीगढ़ (केंद्रशासित प्रदेश) शामिल हैं।

देश में केंद्रीय कानून नहीं

गोहत्या पर भारत में कोई केंद्रीय कानून नहीं है। अलग-अलग राज्य अपने अनुसार नियमों को तय करते हैं। जैसे हरियाणा में गो हत्या कानून के उल्लंघन पर एक लाख रुपये का जुर्माना और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। छत्तीसगढ़ एकलौता ऐसा राज्य है, जहां गो वंश के साथ-साथ भैंस के मांस पर भी बैन लगा है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और केंद्र शासित प्रदेशों- दमन व दीव, दादर और नागर हवेली, पुड्डुचेरी और अंडमान निकोबार में आंशिक रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।

साभार : दैनिक जागरण

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