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राजस्थान में मिला कांगो बुखार का पहला मामला, सरकार ने जारी किया अलर्ट

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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जयपुर. क्रीमियन-कांगो रक्तस्रावी बुखार यानि कांगो फीवर का खौफ एक बार फिर प्रदेश में लौट आया है.  पांच साल पहले 2019 में इस बीमारी से दो जाने जा चुकी हैं. राजस्थान सरकार ने अलर्ट जारी कर दिया है. वहीं लोगों से सतर्कता बरतने की अपील भी की गई है.

बीमारी फैलने का कारण

टिक्स परजीवी मवेशियों के शरीर पर पाया जाता है. इसी से कांगो बुखार का वायरल फैलता है.  इसकी पुष्टि में भी कई दिनों का समय लगता है. सामान्य बुखार के बाद दूसरे सप्ताह में हेमेजेरिक लक्षण दिखने लगते हैं.  इसके बाद इसकी रिपोर्ट पुणे भिजवाई जाती है, जहां से वायरल की पुष्टि होती है. इससे पहले 2019 में भी इस बुखार से दो लोगों की मौत अहमदाबाद में हुई थी.

जांच में जुटी टीमें

डिप्टी सीएमएचओ डॉ प्रितम सिंह ने बताया है कि पुणे से जांच रिपोर्ट आने और जयपुर चिकित्सा विभाग से निर्देश मिलते ही नान्दड़ा कलां गांव में जांच टीमें भेज दी गई हैं. बुखार से जिस महिला की मृत्यु हुई है, उसके कॉन्टेक्ट में आए 12 लोगों को ढूंढ लिया गया है.  सभी को 15 से 20 दिन तक सर्विलांस पर रखा जाएगा. यदि इनमें कोई लक्षण दिखता है, तो पुणे भेजा जाएगा. साथ ही मवेशियों के सैम्पल लेकर यह भी पता लगाने के प्रयास कर रहे हैं कि किस मवेशी ये फैला है.

बुखार के सामान्य लक्षण

कांगो बुखार के लक्षण कुछ ऐसे होते हैं. बुखार, सिरदर्द. मांसपेशियों में दर्द के लक्षण तो सामान्य वायरल की तरह ही होते हैं. कुछ लोगों को तेज रोशनी से परेशानी होती है.आंखों में सूजन भी आ सकती है. डिप्रेशन और पेट दर्द जैसी परेशानी भी होती है. हार्ट रेट भी तेज हो जाती है.

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साभार : जी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।