सोमवार, सितंबर 14 2026 | 10:44:10 AM

बसपा अब कभी नहीं लड़ेगी उपचुनाव : मायावती

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा की 9 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं. वहीं यूपी उपचुनाव के रिजल्ट के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गंभीर आरोप लगाए हैं. बसपा सुप्रीमो मायवती ने कहा फर्जी वोट को लेकर चुनाव आयोग कोई कदम उठाए, इसके साथ ही पूर्व सीएम ने कांग्रेस और बीजेपी को जातिवादी पार्टी बताया.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि जब तक चुनाव आयोग फर्जी वोट रोकने के लिये कोई कार्रवाई नहीं करेगा तब तक बीएसपी उपचुनाव नहीं लड़ेगी. यूपी के उपचुनाव के जो नतीजे आए हैं, यह लोगों में आम चर्चा है कि ईवीएम के जरिये फर्जी वोट डाले जा रहे हैं. वहीं उन्होंने कहा यूपी में 9 विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हमें दिखा कुछ दलित के नाम पर बने दल वोट काट रहे हैं.

वहीं उपचुनाव के नतीजे के बाद संभल और मुरादाबाद में तनाव की स्थिति को लेकर और संभल में सर्व के दौरान जो पथराव हुआ है उस पर भी मायावती ने प्रतिक्रिया दी. बसपा सु्प्रीमो ने कहा कि उसके लिए शासन और प्रशासन जिम्मेदार है, संभल में दोनों साइड को लेकर प्रशासन को बात करनी चाहिए. इसके साथ ही मायवती ने संभल के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

यूपी की दो सीटों पर AIMIM और आसपा से भी पीछे रही बसपा

बता दें कि यूपी उपुचनाव में मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था. हालांकि पार्टी 9 सीटों पर हुए उपचुनाव में किसी भी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर पाई है, इतना ही नहीं यूपी की दो सीटों पर तो मयावती की बसपा नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उम्मीदवार से भी पीछ रही है.

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साभार : एबीपी न्यूज़

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।