गुरुवार, फ़रवरी 19 2026 | 10:31:26 AM
Breaking News
Home / राष्ट्रीय / कृपालु महाराज की बेटी की मौत के पीछे हो सकती है कोई साजिश, एफआईआर दर्ज

कृपालु महाराज की बेटी की मौत के पीछे हो सकती है कोई साजिश, एफआईआर दर्ज

Follow us on:

नई दिल्ली. जगद्गुरु कृपालु महाराज की बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी की रविवार को दिल्ली आते समय दनकौर में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उनकी दो बेटियां घायल हो गई, जिनका इलाज दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में चल रहा है। इस बीच इस घटना में नया मोड़ आ गया है। कार चालक द्वारा दर्ज कराए मामले में इस घटना में साजिश की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस हादसे के साथ ही साजिश की आशंका से मामले की जांच में जुटी है। बता दें कि कृपालु महाराज की तीनों बेटियां दो कारों में रविवार तड़के मथुरा से दिल्ली एयरपोर्ट आ रही थी। इस दौरान दनकौर के पास तेज गति से आए टैंकर ने उनकी कार को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में कृपालु महाराज की बड़ी बेटी विशाखा त्रिपाठी की मौत हो गई। जबकि दो बहनें श्यामा और कृष्णा हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई। इनके अलावा 7 अन्य लोग भी हादसे में घायल हो गए।

कार चालक ने दर्ज कराया मामला

घटना के संबंध में कार चालक प्रवीण की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। प्रवीण ने शिकायत में कहा कि वे वृंदावन से कार से दिल्ली के निकले थे। उनके साथ तीन और गाड़ियां भी थीं। यमुना एक्सप्रेस वे पर सुबह करीब 3 बजे सभी लोग लघुशंका के लिए ग्रेटर नोएडा से 7 किलोमीटर से पहले सड़क किनारे रुके। इतने में तेज गति से एक ट्रक उनकी तरफ आया और गाड़ियों में टक्कर मार दी। घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया। मामले में दनकौर प्रभारी ने कहा कार चालक ने साजिश की आंशका जताते हुए कहा कि यह घटना किसी ने जानबूझकर कराई है।

ट्रक का हेल्पर अरेस्ट

कृपालु महाराज की बेटियों को टक्कर मारने वाले ट्रक के हेल्पर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। जबकि चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने ट्रक के हेल्पर को बबलू को फिरोजाबाद से अरेस्ट किया है। वहीं फिरोजाबाद के ट्रक चालक सोनू की पुलिस तलाश कर रही है। उधर प्रेम मंदिर की अध्यक्ष विशाखा त्रिपाठी का शव सोमवार दोपहर को वृंदावन के प्रेम मंदिर परिसर में लाया गया। जहां अनुयायियों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। गुरुवार को यमुना तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

साभार : न्यूज24

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

वलयाकार सूर्य ग्रहण 2026 रिंग ऑफ फायर का दृश्य।

साल का पहला सूर्य ग्रहण आज: आसमान में दिखेगी ‘रिंग ऑफ फायर’, जानें भारत पर इसका असर

नई दिल्ली. साल 2026 की पहली बड़ी खगोलीय घटना आज होने जा रही है। आज चंद्रमा, …