लोड हो रहा है...

बारिश और बाढ़ के बाद अब गुजरात में चक्रवात असना का खतरा

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

अहमदाबाद. गुजरात में भारी बारिश और बाढ़ के बीच अरब सागर से आगे बढ़ रहा चक्रवात असना अब पाकिस्तान की ओर मुड़ रहा है। अरब सागर में बने असना (Cyclone Asna) से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान व्यक्त किया है, हालांकि 30 अगस्त की सुबह से इसकी दिशा में बदलाव से थोड़ी राहत मिली है। पिछले साल कच्छ जिले के सौराष्ट्र ने बिपरजॉय का मुकाबला किया था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सौराष्ट्र-कच्छ की तरफ चक्रवात असना को देखते हुए जिला कलेक्टर से बात की थी। आईएमडी ने बहुत भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किया है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में गहरे दबाव के कारण, तीन तटीय जिलों कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में भारी बारिश हो रही है। राज्य में भारी बारिश और बाढ़ के बीच अभी तक कुल 37 लोगों की जान जा चुकी है।

गुजरात पर क्या है प्रभाव?

आईएमडी के अपने अलर्ट में कहा है कि 30 अगस्त को गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश हो सकती है। अरब सागर से उठे चक्रवात के पाकिस्तान तटों की तरफ जाने की संभावना है। आईएमडी के अनुसार इस दौरान गुजरात के तटीय जिलों में 65 से 75 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हवा की अधिकतम गति बीच-बीच में 85 तक भी जाएगी। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार राज्य में 140 जलाशय और बांध और 24 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आईएमडी द्वारा गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भारी बारिश के अलर्ट के बाद तमाम सेवाओं को स्टैंडबाई का दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गांधीनगर के कंट्राेल रूम से खुद स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

साइक्लोन असन पर IMD का बयान

गुजरात के सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र में भारी बारिश हुई, जबकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि क्षेत्र में बना गहरा दबाव क्षेत्र चक्रवाती तूफान में तब्दील होकर शुक्रवार को तट से टकरा सकता है। मौसम विभाग ने कहा कि जब यह गहरा दबाव क्षेत्र चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा, तो इसे पाकिस्तान द्वारा सुझाया गया नाम साइक्लोन असना कहा जाएगा। विभाग ने कहा कि यह 1976 के बाद अगस्त में अरब सागर के ऊपर विकसित होने वाला पहला चक्रवाती तूफान होगा, हालांकि 30 अगस्त को इसकी दिशा कुछ बदली है।

साभार : नवभारत टाइम्स

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।