शनिवार, सितंबर 19 2026 | 05:17:45 AM

डीएम ने सपा के प्रतिनिधिमंडल और माता प्रसाद पांडे को जिले में आने से रोका

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

लखनऊ. समाजवादी पार्टी का डेलीगेशन आज संभल दौरे पर नही जा पाएंगे. संभल डीएम ने सपा प्रतिनिधिमंडल को आने से रोका है. उन्होंने यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडे को फोन कर दस दिसंबर तक संभल नहीं आने को कहा है. सपा नेता ने कहा कि वो अभी पार्टी दफ्तर जा रहे हैं, जिसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे. समाजवादी पार्टी का 15 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल आज सपा नेता माता प्रसाद पांडे के नेतृत्व में संभल जाने वाला था. माता प्रसाद पांडे ने कहा कि हम लोगों को नहीं भड़काते हैं, भड़काने वाली भाषा तो केशव प्रसाद मौर्य की होती है. उन्होंने कहा कि जब प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा सकती है तो हम क्यों नहीं जा सकते हैं? आप अधिकारियो से पूछिए की हमें क्यों नहीं जाने दिया जा रहा है.

डीएम की रोक पर सपा ने जताई नाराजगी

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम लोग चुपके से तो जा नहीं रहे थे, हमने से पहले ही अपना कार्यक्रम बताया था. लेकिन, अब डीएम का फ़ोन आया है कि संभल न आएं हमने दस दिसंबर तक का समय बढ़ा दिया है. हमें कहीं भी जाने की स्वतंत्रता है. ये हमारा मौलिक अधिकार है. जिनके घर के बच्चे मरे हैं हम उनके परिवार से जाकर मिलना चाहते हैं. लेकिन, ये भ्रम पैदा कर रहे हैं. ये सरकार संविधान पर भरोसा नहीं करती. हमें पालन नहीं करने देती.

माता प्रसाद पांडे ने कहा कि ये हमें इसलिए नहीं जाने देना चाहते ताकि हमें सच्चाई का पता न लग जाए क्योंकि ये भम्र पैदा करना चाहते हैं. नियमों के मुताबिक प्रशासन को मुझे नोटिस देना चाहिए था कि मैं वहां नहीं जा सकता लेकिन, कोई लिखित सूचना नहीं दी गई और पुलिस तैनात कर दी गई. जहां मीडिया वाले वहां जा रहे हैं, हमारे वहां जाने से क्या अशांति होगी. ये सरकार अपने सारे काम छुपाने के लिए जानबूझकर हमें रोक रही है. बता दें कि संभल जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बाहरी व्यक्तियों के आने को लेकर निर्देश जारी किए हैं. जिसके तहत 1 दिसंबर से 10 दिसंबर तक बाहरी व्यक्ति सक्षम अधिकारी की अनुमति बिना प्रवेश नहीं करेगा. निर्देशों के तहत  कोई भी व्यक्ति अन्य समाज संगठन और जनप्रतिनिधि संभल में अनुमति के बिना प्रवेश नहीं करेगा.

साभार : एबीपी न्यूज

- Advertisement -

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।