सोमवार, फ़रवरी 02 2026 | 12:40:34 PM
Breaking News
Home / राज्य / दक्षिण-भारत / विधायक टी राजा सिंह ने तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने पर भाजपा से दिया इस्तीफा

विधायक टी राजा सिंह ने तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने पर भाजपा से दिया इस्तीफा

Follow us on:

हैदराबाद. तेलंगाना में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है. गोशामहल के विधायक टी राजा सिंह ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि टी राजा सिंह तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ना चाहते थे. उन्होंने अपना इस्तीफा तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष जी किशन रेड्डी को भेज दिया है. टी राजा सिंह ने सदमे और निराशा का हवाला देते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया है. उन्होंने तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष जी किशन रेड्डी को लिखे अपने इस्तीफे में कहा, मैं बहुत ही निराशा के साथ यह पत्र लिखा हूं. तमाम मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि रामचंदर राव को तेलंगाना बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं. यह फैसला मेरे लिए काफी शॉकिंग था. न सिर्फ मेरे लिए बल्कि लाखों कार्यकर्ताओं के लिए जो पूरी आस्था से मेरे साथ खड़े थे. मगर वो आज निराश महसूस कर रहे हैं.

गोशामहल के लोगों की सेवा करते रहेंगे- टी राजा

विवादास्पद बयानों और हिंदुत्व के प्रति अपनी कट्टर छवि के लिए मशहूर राजा सिंह के इस्तीफे का कारण तेलंगाना बीजेपी में नेतृत्व विवाद बताया जा रहा है. टी राजा सिंह तेलंगाना में गोशामहल विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे. रामचंदर राव के तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष बनने की संभावन को लेकर उनकी नाराजगी है. इस्तीफे के बाद टी राजा ने कहा कि भले ही वे पार्टी से अलग हो गए हों लेकिन हिंदुत्व और गोशामहल के लोगों की सेवा करते रहेंगे. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी को पत्र लिखकर उन्होंने कहा कि अब में बीजेपी की सदस्य नहीं हूं. मैं पार्टी से अलग हो सकता हूं, लेकिन हिंदुत्व की विचारधारा और गोशामहल के लोगों की सेवा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं.

2018 में भी टी राजा सिंह ने दिया था इस्तीफा

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब राजा सिंह ने बीजेपी से इस्तीफा दिया हो. इससे पहले 2018 में उन्होंने गौ रक्षा के मुद्दे पर पार्टी से समर्थन न मिलने का हवाला देकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन तब पार्टी ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया था. टाइगर नाम से मशहूर टी राजा सिंह के इस कदम से तेलंगाना बीजेपी में उथल-पुथल मच सकती है.

साभार : टीवी9 भारतवर्ष

भारत : 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि) व/या भारत : 1857 से 1957 (इतिहास पर एक दृष्टि) पुस्तक अपने घर/कार्यालय पर मंगाने के लिए आप निम्न लिंक पर क्लिक कर सकते हैं

सारांश कनौजिया की पुस्तकें

ऑडियो बुक : भारत 1885 से 1950 (इतिहास पर एक दृष्टि)

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

आईआईटी मद्रास से हिन्दी में ‘सभी के लिए एआई’ कोर्स उपलब्ध, संस्थान के डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म स्वयं प्लस पर लॉन्च किए गए कोर्सेस

अब हिन्दी में उपलब्ध हैं निःशुल्क एआई कोर्स, जैसे- एआई फॉर एजुकेटर्स, एआई इन फिज़िक्स, …