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आंध्र प्रदेश में जनसंख्या बढ़ाने का बड़ा दांव: चंद्रबाबू नायडू ने की तीसरे और चौथे बच्चे के जन्म पर नकद इनाम की घोषणा

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आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जनसभा को संबोधित करते हुए, जहां उन्होंने तीसरी और चौथी संतान पर नकद वित्तीय लाभ देने की घोषणा की।

अमरावती । रविवार, 17 मई 2026

आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू नायडू सरकार ने राज्य में गिरती जन्म दर (Declining Fertility Rate) और तेजी से बूढ़ी होती आबादी की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एक बेहद अनोखा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। श्रीकाकुलम जिले के नरसनपेटा (तमरापल्ली गांव) में आयोजित ‘स्वर्ण आंध्र, स्वच्छ आंध्र’ कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा की है कि अब राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर ₹30,000 और चौथे बच्चे के जन्म पर ₹40,000 की वित्तीय प्रोत्साहन राशि तुरंत दी जाएगी।

यह घोषणा चंद्रबाबू नायडू के पुराने राजनीतिक स्टैंड से बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि 1990 के दशक में वे खुद राज्य में कड़े ‘परिवार नियोजन’ और जनसंख्या नियंत्रण उपायों के सबसे बड़े पैरोकार माने जाते थे।

“बच्चे बोझ नहीं, बल्कि राज्य का असली धन हैं”

सार्वजनिक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा,

“एक समय था जब हमने जनसंख्या नियंत्रण की वकालत की थी क्योंकि तब संसाधन कम थे। लेकिन आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं। आज हम कह रहे हैं कि बच्चे ही हमारा असली धन हैं। आर्थिक असमानता को कम करना और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाना हमारा मुख्य लक्ष्य है। धन पैदा करके उसे गरीबों में बांटा जाना चाहिए।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार जल्द ही इसके लिए विस्तृत गाइडलाइंस जारी करेगी और इस योजना को ‘चिल्ड्रन आर वेल्थ’ (Children Are Wealth) पहल के तहत अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि माताओं को सम्मान देने वाली ‘तल्ली की वंदनम’ (Talliki Vandanam) योजना के तहत पहले से ही ₹15,000 दिए जा रहे हैं, जिसे भगवान की कृपा से आने वाले दिनों में और बढ़ाया जाएगा।

जनसंख्या नीति में बड़े यू-टर्न के पीछे का असली कारण

आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए इस चौंकाने वाले कदम के पीछे गहरे जनसांख्यिकीय (Demographic) कारण हैं:

  • गिरता टीएफआर (Total Fertility Rate): आंध्र प्रदेश का कुल प्रजनन दर (TFR) घटकर 1.5 पर आ गया है, जबकि जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए आदर्श दर 2.1 होनी चाहिए। 1993 में यह दर 3.0 थी।

  • बुजुर्गों की बढ़ती संख्या: आंकड़ों के अनुसार, राज्य के करीब 58% परिवारों (लगभग 3 लाख परिवार) में अब सिर्फ एक ही बच्चा है। यदि यही ट्रेंड जारी रहा, तो वर्ष 2047 तक आंध्र प्रदेश की 23% आबादी बुजुर्ग हो जाएगी, जिससे कार्यबल (Working-age population) में भारी कमी आएगी।

  • भविष्य का आर्थिक संकट: जापान, दक्षिण कोरिया और इटली जैसे देश आज इसी संकट से जूझ रहे हैं। नायडू ने चेतावनी दी कि यदि युवा आबादी कम हुई, तो राज्य की आर्थिक वृद्धि थम जाएगी।

सरकार की इस व्यापक नीति में तीसरे बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक मुफ्त शिक्षा और 5 वर्षों तक प्रति माह ₹1,000 की पोषण सहायता देने का मसौदा भी शामिल है।

स्वच्छता के लिए शुरू हुआ ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’

सफाई कार्यक्रम ‘स्वर्ण आंध्र, स्वच्छ आंध्र’ के 16 महीने पूरे होने के अवसर पर सीएम नायडू ने राज्यव्यापी ‘ऑपरेशन क्लीन स्वीप’ (Operation Clean Sweep) की शुरुआत की।

  • यह विशेष सफाई अभियान सभी जिलों में जिला कलेक्टरों के नेतृत्व में चार दिनों तक लगातार चलाया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री ने ‘कचरे से कंचन’ (Waste to Wealth) के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में कचरे से बिजली बनाई जा रही है और कचरे से पैसा कमाने के लिए सुंदर पार्क विकसित किए जा रहे हैं।

  • उन्होंने राज्य को पूरी तरह स्वच्छ बनाने के लिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया।

भूमि सुधार: मार्च 2027 तक खत्म होंगे जमीनी विवाद

विपक्ष पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच सालों में राज्य ने भारी अराजकता देखी है, जहां लोगों की संपत्तियों में अफरा-तफरी मचाई गई। उन्होंने घोषणा की कि गठबंधन सरकार ने जमीनों पर अवैध कब्जे रोकने के लिए री-सर्वे का काम शुरू किया है। आधुनिक तकनीक से छेड़छाड़-मुक्त (Tamper-proof) ‘पट्टादार पासबुक’ बांटी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2027 तक आंध्र प्रदेश में एक भी जमीनी विवाद बाकी नहीं रहेगा

निवेश और रोजगार: 23 लाख करोड़ का रोडमैप

राज्य के युवाओं के पलायन (Migration) को रोकने के लिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी सफलताओं का ब्यौरा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:

  • पिछले 23 महीनों में आंध्र प्रदेश को रिकॉर्ड ₹23 लाख करोड़ का निवेश मिला है।

  • इन औद्योगिक समझौतों (MoUs) के जरिए आने वाले समय में राज्य के बच्चों के लिए 24 लाख नौकरियां पैदा होंगी।

  • तकनीकी विकास को गति देने के लिए दिग्गज वैश्विक कंपनी गूगल (Google) को विशाखापत्तनम लाया गया है

  • उत्तर आंध्र (उत्तरांचल) क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि यहां के युवाओं को बाहर न जाना पड़े, बल्कि अन्य क्षेत्रों के उद्योग यहां आएं।

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