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गाजा पर सवाल पूछने से भड़के एंटनी ब्लिंकन ने पत्रकार को निकाला बाहर

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

वाशिंगटन. अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 19 जनवरी को शपथ लेंगे. इससे पहले मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इसी दौरान एक अजीबो- गरीब मामला सामने आया, एंटनी अपने आखिरी स्पीच में हमास और इजरायल के बीच संघर्ष विराम को लेकर बात कर रहे थे. तभी एक जर्नलिस्ट ने उनसे सवाल पूछ लिया जिस पर विदेश मंत्री भड़क गए और प्रेस कॉन्फ्रेंस से पत्रकार को बाहर करने का आदेश दे दिया.

आखिरी भाषण

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे. इसी दौरान एक विवाद देखने को मिला. विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन हमास और इजरायल के बीच संघर्ष विराम को लेकर भाषण दे रहे थे. वो अपनी सरकार द्वारा युद्ध विराम के पीछे हुए कामों को गिना रहे थे. उनके इन कामों से कई पत्रकार सहमत नहीं थे तभी एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया तो विदेश मंत्री भड़क गए तो पत्रकार ने भी चिल्लाना शुरू कर दिया. इसके बाद उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से कई पत्रकारों को बाहर करने का आदेश दे दिया.  इसका वीडियो तेजी के साथ वायरल भी हो रहा है.

कई पत्रकारों ने उठाए सवाल

पत्रकार सैम हुसैनी, जिन्हें विश्व के वाशिंगटन आलोचक माना जाता है. जिनका वीडियो वायरल हो रहा है, इसमें साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि वो चिल्ला रहे हैं, वहां खड़े सुरक्षा गार्ड उन्हें खींच रहे हैं, पत्रकार के साथ ऐसे बर्ताव को करते हुए देख कर लोगों में काफी ज्यादा गुस्सा भी भड़क गया है. इसके अलावा मैक्स ब्लूमेंथल ने बाद में एक्स पर जाकर प्रेस ब्रीफिंग में सवाल पूछते हुए एक क्लिप शेयर की, जिसमें उन्होंने कई बाते कही.

संघर्ष विराम

कतर और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रविवार को हमास और इजराइल के बीच युद्ध विराम शुरू होगा, जिसके बाद युद्ध के स्थायी अंत की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाएगा. इसमें इसमें फ़िलिस्तीनी कैदियों के लिए इज़राइली बंधकों की अदला-बदली भी होगी.

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साभार : जी न्यूज

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।