गुरुवार, मई 07 2026 | 08:34:22 PM
Breaking News
Home / अंतर्राष्ट्रीय / पश्चिम बंगाल में ‘आजाद बंगाल’ की मांग? बांग्लादेशी नेता के भड़काऊ वीडियो से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल में ‘आजाद बंगाल’ की मांग? बांग्लादेशी नेता के भड़काऊ वीडियो से मचा हड़कंप

Follow us on:

पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस

ढाका | गुरुवार, 7 मई 2026

पश्चिम बंगाल के हालिया चुनावी नतीजों के बाद राज्य में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। भाजपा की बढ़त और टीएमसी की सीटों में आई कमी ने राज्य में एक नई बहस को जन्म दिया है। इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट कर दिया है कि वे न तो अपनी हार स्वीकार कर रही हैं और न ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगी।

उनके इस बयान की विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की है, इसे ‘जनादेश का अपमान’ बताया जा रहा है। हालांकि, ममता बनर्जी का तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है और वे इसके खिलाफ कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखेंगी।

मोहम्मद नूरुल हुदा का उकसाने वाला बयान: एक गंभीर खतरा?

इसी राजनीतिक गहमागहमी के बीच बांग्लादेशी नेता मोहम्मद नूरुल हुदा का एक वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वे ममता बनर्जी को उकसाते हुए कह रहे हैं कि उन्हें “पश्चिम बंगाल को भारत से आजाद” घोषित कर देना चाहिए।

  • विवादित बयान: नूरुल हुदा ने दिल्ली के खिलाफ “जंग का एलान” करने की बात कही।

  • दावा: उन्होंने दावा किया कि 170 मिलियन बांग्लादेशी मुसलमान इस लड़ाई में उनका साथ देंगे।

  • सुधार/स्पष्टीकरण: ऐसे बयान भारत की अखंडता पर हमला हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान केवल कट्टरपंथी भावनाओं को भड़काने और भारत-बांग्लादेश संबंधों में दरार पैदा करने की एक साजिश है।

मोहम्मद सलीम इंजीनियर (जमात-ए-इस्लामी हिंद) की टिप्पणी

जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम इंजीनियर ने ममता बनर्जी के रुख का समर्थन करते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि:

“इस्तीफा न देना एक राजनीतिक स्टैंड है। यह दर्शाता है कि मौजूदा मैंडेट जनता की सही राय को नहीं दर्शाता और चुनावों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है।”

सलीम इंजीनियर के अनुसार, हालांकि सरकार गठन की प्रक्रिया संवैधानिक रूप से चलती रहेगी, लेकिन ममता बनर्जी का बयान एक गहरा संदेश देता है कि चुनाव निष्पक्ष नहीं थे।

सावधानियां (Fact Check)

  1. स्वतंत्रता का दावा: किसी भी राज्य को भारत से अलग करने का आह्वान असंवैधानिक और अवैध है। भारतीय संविधान के अनुसार भारत राज्यों का एक अटूट संघ है।

  2. सांप्रदायिक उकसावा: बांग्लादेशी नेताओं द्वारा धार्मिक आधार पर समर्थन का दावा करना बंगाल की शांति भंग करने की कोशिश हो सकती है।

  3. चुनाव आयोग की भूमिका: चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है। धांधली के आरोपों की पुष्टि केवल न्यायालय के माध्यम से ही की जा सकती है।

मित्रों,
मातृभूमि समाचार का उद्देश्य मीडिया जगत का ऐसा उपकरण बनाना है, जिसके माध्यम से हम व्यवसायिक मीडिया जगत और पत्रकारिता के सिद्धांतों में समन्वय स्थापित कर सकें। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए हमें आपका सहयोग चाहिए है। कृपया इस हेतु हमें दान देकर सहयोग प्रदान करने की कृपा करें। हमें दान करने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें -- Click Here


* 1 माह के लिए Rs 1000.00 / 1 वर्ष के लिए Rs 10,000.00

Contact us

Check Also

युद्ध की आग में झुलसता ईरान: क्या यह अंत की शुरुआत है?

तेहरान । सोमवार, 4 मई 2026 तेहरान से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली …