रामपुर । शनिवार, 23 मई 2026
उत्तर प्रदेश की सियासत और कानूनी गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। रामपुर की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) सेशन कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दोहरे पैन कार्ड (Dual PAN Card) मामले में एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार की अपील को मंजूर करते हुए आजम खां की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। कोर्ट ने पूर्व मंत्री आजम खां की सजा को 7 वर्ष से बढ़ाकर अब 10 वर्ष कर दिया है, जिससे समाजवादी पार्टी के इस कद्दावर खेमे को तगड़ा कानूनी झटका लगा है।
मुख्य बिंदु और सजा में बड़ा बदलाव
नवंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल की कैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, अभियोजन पक्ष इस सजा को अपर्याप्त मानते हुए इसे बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट गया था। शनिवार को कोर्ट ने दोनों पक्षों की लंबी बहस सुनने के बाद निम्नलिखित फैसला दिया:
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मोहम्मद आजम खां: सेशन कोर्ट ने अभियोजन की दलीलें स्वीकार कीं और आजम खां की जेल की अवधि 7 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी। इसके साथ ही, उन पर लगा 50 हजार रुपये का जुर्माना बढ़ाकर सीधे 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
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अब्दुल्ला आजम खां: आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को जेल की अवधि में मामूली राहत मिली है; उनकी 7 साल की सजा को बरकरार रखा गया है। हालांकि, कोर्ट ने उनकी आर्थिक पेनल्टी में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए जुर्माने को 50 हजार से बढ़ाकर 4 लाख रुपये (3.5 लाख रुपये की बढ़ोतरी) कर दिया है।
केस बैकग्राउंड: यह पूरा विवाद अब्दुल्ला आजम द्वारा अलग-अलग जन्मतिथियों (1 जनवरी 1993 और 30 सितंबर 1990) के आधार पर दो फर्जी पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने से जुड़ा है। इस मामले में शिकायतकर्ता भाजपा विधायक आकाश सक्सेना थे, जिनकी शिकायत पर 2019 में सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। दोनों नेता नवंबर 2025 से ही जेल में बंद हैं।
हेट स्पीच मामले में भी मिल चुकी है 2 साल की सजा
यह हफ्ता आजम खां के लिए कानूनी तौर पर बेहद भारी साबित हुआ है। पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ने से ठीक पहले, अदालत ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी (DM) को “तनखैया” बोलते हुए उनसे जूते साफ कराने का बयान देने के मामले में भी अपना फैसला सुनाया था।
भोट थाना क्षेत्र में दर्ज इस हेट स्पीच केस में कोर्ट ने आजम खां को दोषी पाते हुए 2 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस सुनवाई के दौरान आजम खां जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जुड़े थे।
महत्वपूर्ण तथ्य
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सजा का प्रकार: कुछ शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में केवल जुर्माना बढ़ने की भ्रामक जानकारी थी, लेकिन स्पष्ट रहे कि आजम खां की मुख्य कारावास अवधि (Jail Term) को भी 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष किया गया है।
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अब्दुल्ला आजम की स्थिति: अब्दुल्ला आजम की जेल की अवधि नहीं बढ़ी है (वह 7 साल ही है), केवल उनके आर्थिक जुर्माने में ₹3.5 लाख का इजाफा हुआ है।
Matribhumisamachar


