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कानपुर मेट्रो विस्तार: रूट के किनारे घर बनाना अब होगा महंगा, नक्शा पास कराने पर लगेगा 25% अतिरिक्त शुल्क

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
2 Min Read

कानपुर । शनिवार, 9 मई, 2026

कानपुर के निवासियों के लिए एक तरफ जहाँ मेट्रो का विस्तार नई सुविधा लेकर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ मेट्रो रूट के पास बसने वालों की जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मेट्रो परियोजनाओं को गति देने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय निकायों से फंड जुटाने की नई नीति लागू की है।

विकास शुल्क में 25% की भारी वृद्धि

कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने निर्णय लिया है कि मेट्रो ट्रैक के दोनों ओर 500-500 मीटर के दायरे में आने वाले भूखंडों पर अब नक्शा पास कराने के लिए 25 प्रतिशत अतिरिक्त विकास शुल्क देना होगा। इस निर्णय को केडीए बोर्ड की पिछली बैठक में औपचारिक मंजूरी मिल चुकी है।

नियमों में ढील: आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण की छूट

जहाँ एक ओर शुल्क बढ़ाया गया है, वहीं भूस्वामियों को कुछ राहत भी दी गई है। अब मेट्रो कॉरिडोर के प्रभाव वाले क्षेत्रों में:

  • फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) में वृद्धि की जाएगी, जिससे आप अधिक ऊंचे भवन बना सकेंगे।

  • एक ही प्लॉट पर आवासीय (Residential), व्यावसायिक (Commercial) और मिश्रित (Mixed) निर्माण की अनुमति होगी।

  • इससे उन लोगों को लाभ होगा जो मेट्रो स्टेशन के पास अपना व्यापार या ऑफिस शुरू करना चाहते हैं।

फंडिंग का गणित: कौन सा विभाग देगा कितना पैसा?

मेट्रो विस्तार के लिए कुल 350 करोड़ रुपये का बजट स्थानीय निकायों द्वारा जुटाया जा रहा है। इसका विवरण इस प्रकार है:

विभाग का नामयोगदान (करोड़ रुपये में)
केडीए (KDA)150 करोड़
आवास विकास परिषद100 करोड़
नगर निगम50 करोड़
यूपीसीडा (औद्योगिक विकास प्राधिकरण)50 करोड़

मेट्रो विस्तार का लक्ष्य

वर्तमान में कानपुर में लगभग 33 किलोमीटर के दायरे में मेट्रो का संचालन हो रहा है। सरकार का अगला लक्ष्य इसे बढ़ाकर 150 किलोमीटर तक ले जाने का है, ताकि शहर के हर कोने को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी से जोड़ा जा सके।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।