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मुरादाबाद: सिद्ध पीठ काली माता मंदिर की जमीन पर चलेगी पैमाइश, 40 लाख का बिजली बिल और महंत की फरारी ने बढ़ाई प्रशासन की सिरदर्दी

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मुरादाबाद । शनिवार, 11 अप्रैल 2026

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्थित ऐतिहासिक और आस्था का केंद्र सिद्ध पीठ काली माता मंदिर इन दिनों चर्चा के केंद्र में है। मंदिर की जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए जिलाधिकारी अनुज सिंह ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को राजस्व विभाग की टीम मंदिर परिसर की जमीन की पैमाइश (नाप-जोख) करेगी, जिससे अतिक्रमण और वास्तविक सीमा की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

🛠️ सवा करोड़ से बदलेगी सूरत, लेकिन सुविधाओं का अकाल

श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के प्रवक्ता नारायण गिरि के अनुसार, अखाड़े ने मंदिर के विकास के लिए 1.25 करोड़ रुपये खर्च करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है। हालांकि, वर्तमान स्थिति काफी चिंताजनक है:

  • बिजली का भारी बकाया: मंदिर पर करीब 40 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जो प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती है।

  • जल संकट: परिसर में लगे हैंडपंप और सबमर्सिबल खराब होने से श्रद्धालुओं को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

  • क्षतिग्रस्त मूर्तियां: मंदिर परिसर में स्थापित पूर्व गुरुओं की समाधि और मूर्तियां खंडित हो चुकी हैं, जिनके जीर्णोद्धार की योजना है।

🚨 फरार महंत और हमले की साजिश: छावनी में तब्दील मंदिर

मंदिर का प्रशासनिक मामला उस समय सुरक्षा चुनौती बन गया जब पूर्व महंत सज्जन गिरि से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोप है कि 9 अप्रैल को प्रयागराज ले जाते समय रायबरेली के पास सज्जन गिरि ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस सुरक्षा पर हमला करवाया और फरार हो गए।

इस घटना के बाद जूना अखाड़े के पदाधिकारियों ने वर्तमान महंतों की जान को खतरा बताया है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस फरार महंत की तलाश में दबिश दे रही है।

🍛 रविवार को जुटेगा भक्तों का सैलाब, लिया जाएगा ‘जनमत’

मंदिर में नई व्यवस्था के तहत अब नियमित पूजा-पाठ शुरू कर दिया गया है। आगामी रविवार को अखाड़े द्वारा एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान न केवल प्रसाद वितरण होगा, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से मंदिर के आगामी विकास कार्यों और प्रबंधन को लेकर सुझाव भी मांगे जाएंगे।

🌍 वैश्विक स्तर पर जूना अखाड़े का दबदबा

जूना अखाड़े की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश-विदेश में इसके 61 मुख्य केंद्र हैं। प्रवक्ता के मुताबिक:

  • विदेशों में उपस्थिति: अमेरिका, इंग्लैंड और नेपाल जैसे देशों में भी अखाड़े के मठ और मंदिर सक्रिय हैं।

  • विशाल संगठन: इस अखाड़े से देशभर के लगभग 7.5 लाख साधु-संत जुड़े हुए हैं।

निष्कर्ष: मुरादाबाद प्रशासन के लिए यह पैमाइश केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि आस्था और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की परीक्षा है। जमीन की रिपोर्ट आने के बाद मंदिर के सौंदर्यीकरण का काम गति पकड़ सकता है, बशर्ते फरार महंत का मामला जल्द सुलझ जाए।

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