शिमला। सोमवार, 13 अप्रैल 2026
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री माता चिंतपूर्णी मंदिर में रविवार को आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सप्ताहांत की छुट्टी के चलते माता रानी के दरबार में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा। आंकड़ों के अनुसार, एक ही दिन में करीब 40,000 श्रद्धालुओं ने पावन पिंडी के दर्शन कर पुण्य कमाया।
भारी भीड़ के बावजूद इस बार की दर्शन व्यवस्था ने सभी का दिल जीत लिया। प्रशासन की नई रणनीति और सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी से मंदिर परिसर में कहीं भी अव्यवस्था देखने को नहीं मिली।
नए मंदिर अधिकारी की कमान: व्यवस्थाओं में आया बड़ा बदलाव
हाल ही में कार्यभार संभालने वाले मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के नेतृत्व में मंदिर प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं।
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निरंतर गतिशीलता: मंदिर परिसर में कतारों को इस तरह प्रबंधित किया गया कि लंबी लाइनें होने के बाद भी भक्तों को घंटों रुकना नहीं पड़ा।
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सुरक्षा चक्र: चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षा बल और मंदिर के सेवादार भीड़ को लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे।
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विस्तारीकरण योजना: प्रशासन अब मंदिर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण पर भी ध्यान दे रहा है, ताकि भविष्य में और भी अधिक भीड़ को आसानी से संभाला जा सके।
धर्म और संस्कृति: matribhumisamachar.com/dharm-karam
‘सुगम दर्शन’ पास: भक्तों के लिए वरदान
दूर-दराज के राज्यों (जैसे पंजाब, हरियाणा और दिल्ली) से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन प्रणाली काफी मददगार साबित हो रही है।
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वीआईपी एक्सेस: इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु एक निर्धारित शुल्क देकर बिना लंबी कतारों के दर्शन कर पा रहे हैं।
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बुजुर्गों और दिव्यांगों को प्राथमिकता: 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और दिव्यांग भक्तों के लिए प्रशासन ने विशेष सुविधाएं और रैंप की व्यवस्था की है।
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गोल्फ कार्ट सुविधा: बाबा श्री माई दास सदन से मंदिर लिफ्ट तक श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यात्रियों की थकान कम हुई है।
प्रशासन का संदेश: ‘श्रद्धालु सुविधा हमारी प्राथमिकता’
मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि रविवार शाम तक लगभग 40 हजार श्रद्धालु हाजिरी लगा चुके थे। उन्होंने कहा,
“हमारा लक्ष्य है कि माता के द्वार आने वाला कोई भी भक्त असुविधा महसूस न करे। आने वाले समय में डिजिटल टोकन सिस्टम और प्रतीक्षा हॉलों की सुविधाओं को और अधिक आधुनिक बनाया जाएगा।”
भक्तों के लिए जरूरी टिप्स:
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ऑनलाइन बुकिंग: यदि आप सप्ताहांत या त्योहारों पर आ रहे हैं, तो सुगम दर्शन के लिए ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग करें।
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समय: सुबह की आरती और शाम की शयन आरती के समय भीड़ अधिक रहती है, अतः दोपहर का समय दर्शन के लिए तुलनात्मक रूप से बेहतर हो सकता है।
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