लखनऊ | सोमवार, 14 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए एक बड़ी पहल की है। प्रदेश के सभी 75 जिलों से चयनित 750 श्रद्धालुओं का जत्था भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग ‘सोमनाथ धाम’ की निःशुल्क तीर्थ यात्रा पर रवाना होने के लिए तैयार है। यह यात्रा न केवल धार्मिक है, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनरुत्थान और गौरव का प्रतीक भी है।
🗓️ यात्रा का पूरा शेड्यूल: लखनऊ से सोमनाथ तक
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संस्कृति विभाग ने विस्तृत यात्रा कार्यक्रम जारी किया है:
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18 अप्रैल: प्रदेश के सभी जिलों से चयनित यात्रियों का लखनऊ में भव्य स्वागत और एकत्रीकरण।
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19 अप्रैल: विशेष हरी झंडी दिखाकर श्रद्धालुओं को सोमनाथ के लिए रवाना किया जाएगा।
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21 अप्रैल: श्रद्धालुओं का जत्था गुजरात के सोमनाथ धाम पहुँचेगा।
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22-23 अप्रैल: दो दिवसीय मुख्य आयोजन, जिसमें महाआरती, रुद्राभिषेक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भागीदारी।
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24 अप्रैल: सोमनाथ से लखनऊ के लिए वापसी यात्रा का प्रारंभ।
🚩 क्यों खास है इस बार की यात्रा? (ऐतिहासिक महत्व)
वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के इतिहास में दो अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है, जिसे केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के रूप में मना रही हैं:
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1000 वर्ष पूर्ण: सन् 1026 में महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण और मंदिर के विनाश के प्रयासों के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह पर्व भारत की अटूट श्रद्धा की जीत का प्रतीक है।
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75 वर्ष पूरे: स्वतंत्रता के पश्चात लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प से पुनर्निर्मित मंदिर के 75 वर्ष (अमृत महोत्सव) पूरे हो रहे हैं।
🤝 समावेशी चयन: हर वर्ग को मिला मौका
सरकार ने इस यात्रा के लिए लाभार्थियों का चयन 11 विभिन्न श्रेणियों में किया है, ताकि समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिल सके:
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समाज के सजग प्रहरी: मंदिर के पुजारी, सफाई कर्मचारी और स्वयंसेवक।
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युवा और उद्यमी: छात्र निखिल मिश्र और अन्य नवाचारी युवा।
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सांस्कृतिक दूत: गायक सुरेंद्र कुमार जैसे कलाकार जो भजनों के माध्यम से भक्ति का प्रसार करेंगे।
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वरिष्ठ नागरिक: प्रदेश के बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया है।
🏨 रहने और खाने की व्यवस्था
इस यात्रा का प्रबंधन दो राज्यों के समन्वय का बेहतरीन उदाहरण है। यात्रा का परिवहन और लखनऊ में प्रवास का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग वहन कर रहा है। वहीं, गुजरात पहुँचने पर श्रद्धालुओं के लिए आवास, शुद्ध सात्विक भोजन और स्थानीय परिवहन की जिम्मेदारी गुजरात पर्यटन विभाग द्वारा निभाई जाएगी।
🕉️ मुख्य आकर्षण: ‘सोमनाथ संकल्प संवाद’ और ‘दीपोत्सव’
सोमनाथ प्रवास के दौरान यात्रियों को निम्नलिखित विशेष कार्यक्रमों का अनुभव मिलेगा:
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सोमनाथ संकल्प संवाद: मंदिर के इतिहास और गौरव गाथा पर चर्चा।
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लाइट एंड साउंड शो: मंदिर के विनाश और पुनर्निर्माण की डिजिटल प्रस्तुति।
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आध्यात्मिक अनुष्ठान: सामूहिक मंत्रोच्चार, ओंकार जाप और विशेष महाआरती।
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स्वच्छता अभियान: 19 अप्रैल को यूपी के सभी स्थानीय शिवालयों में स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
पर्यटन सूचना अधिकारी वंदना पांडेय के अनुसार, सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यात्रियों में “प्रथम ज्योतिर्लिंग” के दर्शन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। यह यात्रा सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के नए अध्याय के रूप में देखी जा रही है।
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