लखनऊ | गुरुवार, 16 अप्रैल 2026
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ योगी सरकार का सख्त अभियान जारी है। गुरुवार को जनपद के बिछोली गांव में प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित इमामबाड़ा और ईदगाह को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम थे कि पूरा इलाका छावनी में तब्दील नजर आया।
तहसीलदार न्यायालय के आदेश पर एक्शन
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन राजस्व रिकॉर्ड में ‘खाद के गड्ढे’ के रूप में दर्ज है। इस पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। तहसीलदार न्यायालय ने इस मामले में गहराई से सुनवाई करने के बाद जनवरी 2026 में ही बेदखली का आदेश जारी कर दिया था। बेदखली के साथ-साथ, संबंधित पक्षों पर सरकारी भूमि के दुरुपयोग के लिए भारी जुर्माना (सूत्रों के अनुसार करीब 7 करोड़ रुपये) लगाने की प्रक्रिया भी चर्चा में है।
सुबह 9 बजे चार बुलडोजरों के साथ पहुंची टीम
गुरुवार सुबह जैसे ही घड़ी ने 9 बजाए, एसडीएम निधि पटेल के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम चार बुलडोजरों और भारी पुलिस बल के साथ बिछोली गांव पहुंची।
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त्वरित कार्रवाई: प्रशासन ने बिना समय गंवाए अवैध ढांचों को गिराना शुरू किया।
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विरोध की आशंका: कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए थे, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के आगे किसी की न चली।
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अधिकारी मौके पर: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने खुद मोर्चा संभाला और मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: RRF और भारी पुलिस बल तैनात
इलाके में किसी भी प्रकार के सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से निपटने के लिए आरआरएफ (Rapid Relief Force) के जवानों को तैनात किया गया था। चप्पे-चप्पे पर पुलिस की नजर रही। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु जो आपको जानने चाहिए:
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | बिछोली गांव, संभल (UP) |
| अवैध निर्माण | इमामबाड़ा और ईदगाह |
| भूमि का प्रकार | सरकारी (खाद के गड्ढे) |
| न्यायालय आदेश | तहसीलदार कोर्ट (जनवरी 2026) |
| अधिकारी | एसडीएम निधि पटेल, SP कृष्ण कुमार विश्नोई |
अधिकारियों का बयान: “यह कार्रवाई पूरी तरह से विधिक है। न्यायालय द्वारा दिए गए समय के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने बलपूर्वक सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है।”
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Matribhumisamachar


