मथुरा। रविवार, 10 मई 2026
ब्रज की पावन धरा पर आयोजित होने वाले आगामी ‘अधिक मास गोवर्धन मेले’ (मुड़िया पूनों मेले के समीपवर्ती आयोजन) को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मांग की है कि मेले के दौरान मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए।
क्या है न्यास की मुख्य दलील?
न्यास के अध्यक्ष पंडित दिनेश फलाहारी जी महाराज द्वारा जारी इस पत्र में सुरक्षा और शुद्धता को प्रमुख आधार बनाया गया है। पत्र में दावा किया गया है कि:
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पहचान का संकट: कुछ असामाजिक तत्व अपनी पहचान छिपाकर या नाम बदलकर दुकानें लगा सकते हैं, जिससे मेले की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।
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प्रसाद की शुद्धता: पत्र में आरोप लगाया गया है कि गैर-आस्थावान लोगों द्वारा खाद्य पदार्थों और प्रसाद की शुद्धता के साथ खिलवाड़ करने की आशंका है।
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आस्था का सम्मान: संगठन का कहना है कि जो लोग सनातन धर्म में विश्वास नहीं रखते, उन्हें धार्मिक मेलों और आस्था केंद्रों में व्यापारिक गतिविधियों से दूर रखा जाना चाहिए।
प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती
गोवर्धन मेले में हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इतनी बड़ी भीड़ के बीच सांप्रदायिक सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखना जिला प्रशासन के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। वर्तमान में प्रशासन ने इस मांग पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा के मद्देनजर सभी दुकानदारों का पुलिस सत्यापन (Verification) अनिवार्य किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है। जहाँ एक वर्ग इसे सुरक्षा और परंपरा की दृष्टि से उचित ठहरा रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे ब्रज की ‘साझा संस्कृति’ और ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ के खिलाफ बता रहा है।
Matribhumisamachar


