कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के बर्रा इलाके में मंगलवार दोपहर उस वक्त दहशत फैल गई, जब सड़क निर्माण के दौरान पीएनजी (PNG) पाइपलाइन फटने से भारी गैस रिसाव शुरू हो गया। इस हादसे के चलते क्षेत्र के लगभग 700 घरों की गैस सप्लाई घंटों ठप रही, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि प्रशासन और गैस कंपनी की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई।
कैसे हुआ हादसा?
बर्रा बाइपास से कर्रही रोड होते हुए हमीरपुर रोड तक सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क चौड़ीकरण और निर्माण का कार्य जोरों पर है। इसी कड़ी में कर्रही रोड स्थित जरौली फेस-वन में बालाजी मंदिर के पास सीवर लाइन बिछाने के लिए खुदाई की जा रही थी।
खुदाई के दौरान बैकहो लोडर (JCB) का पंजा जमीन के नीचे दबी पाइपलाइन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पाइप फट गया और तेज आवाज के साथ गैस का रिसाव होने लगा। गैस की गंध और प्रेशर देखकर मौके पर काम कर रहे मजदूरों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस और मेंटीनेंस टीम की त्वरित कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल यूपी-112 और सीयूजीएल (CUGL) के इमरजेंसी नंबर पर सूचना दी।
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समय: दोपहर लगभग 1:40 बजे लीकेज की जानकारी मिली।
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एक्शन: सूचना मिलते ही पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया और CUGL की टेक्निकल टीम ने मौके पर पहुँचकर सप्लाई लाइन को पीछे से ब्लॉक किया।
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मरम्मत: मेंटीनेंस टीम ने करीब 2 घंटे 20 मिनट के कड़े संघर्ष के बाद क्षतिग्रस्त पाइप को बदला।
शाम 4 बजे बहाल हुई सप्लाई
सीयूजीएल के वरिष्ठ प्रबंधक माही खान ने बताया कि प्राथमिकता के आधार पर रिसाव को रोका गया। शाम करीब 4 बजे तक मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया और प्रभावित 700 घरों में गैस की आपूर्ति फिर से शुरू कर दी गई। तब जाकर स्थानीय गृहणियों और निवासियों ने राहत की सांस ली।
विकास कार्यों में समन्वय की कमी? (विशेष विश्लेषण)
कानपुर में अक्सर यह देखा जाता है कि विभिन्न विभाग (जैसे जल निगम, केडीए और सीयूजीएल) के बीच तालमेल की कमी के कारण ऐसे हादसे होते हैं।
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खुदाई से पहले मैपिंग की अनदेखी: ठेकेदारों को खुदाई से पहले अंडरग्राउंड केबल और पाइपलाइन की मैपिंग चेक करनी चाहिए।
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भारी मशीनों का प्रयोग: संकरी गलियों या रिहायशी इलाकों में भारी मशीनों के उपयोग के दौरान मैनुअल सुपरविजन की सख्त जरूरत है।
गैस रिसाव होने पर क्या करें? (सुरक्षा टिप्स)
अगर आपके क्षेत्र में भी कभी ऐसी स्थिति पैदा हो, तो इन बातों का ध्यान रखें:
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आग से दूर रहें: रिसाव के पास माचिस, लाइटर या किसी भी ज्वलनशील वस्तु का उपयोग न करें।
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बिजली के स्विच: बिजली के बटन न ऑन करें और न ही ऑफ, क्योंकि स्पार्क से आग लग सकती है।
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वेंटिलेशन: यदि रिसाव घर के अंदर है, तो तुरंत खिड़की-दरवाजे खोल दें।
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सूचना दें: तत्काल कंपनी के टोल-फ्री नंबर या फायर ब्रिगेड को कॉल करें।
निष्कर्ष: बर्रा की यह घटना एक चेतावनी है कि बुनियादी ढांचे के विकास के दौरान सुरक्षा मानकों से समझौता जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सप्लाई सामान्य है।
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