कानपुर नगर | 26 मार्च, 2026 ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति फेज-5’ के तहत आज कानपुर के थाना बजरिया क्षेत्र में नारी सुरक्षा और स्वावलंबन की गूंज सुनाई दी। पुलिस आयुक्त के निर्देशानुसार, एंटीरोमियो टीम ने थाना क्षेत्र के प्रमुख स्थलों, विशेषकर बालखडेश्वर मंदिर और निरंजन निवास चौराहा पर सघन भ्रमण कर महिलाओं, बालिकाओं और पुरुषों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।
हेल्पलाइन नंबर्स अब और भी सशक्त: 1090 से लेकर 1930 तक की जानकारी
अभियान के दौरान टीम ने महिलाओं को बताया कि आपात स्थिति में वे केवल 1090 (विमेन पावर लाइन) ही नहीं, बल्कि 112 (आपातकालीन सेवा), 1076 (मुख्यमंत्री हेल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) का उपयोग निडर होकर करें। इसके साथ ही डिजिटल युग में बढ़ते फ्रॉड को देखते हुए साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में भी जागरूक किया गया।
मिशन शक्ति अभियान के पिछले चरणों की सफलता पर एक रिपोर्ट
UPCOP ऐप: अब घर बैठे दर्ज होगी ई-FIR
पुलिस टीम ने नागरिकों को UPCOP मोबाइल ऐप के नवीनतम फीचर्स के बारे में बताया। अब महिलाएं बिना थाने जाए छेड़खानी या अन्य शिकायतों की e-FIR दर्ज करा सकती हैं। साथ ही ऐप के माध्यम से चरित्र प्रमाणपत्र, घरेलू सहायता सत्यापन और लावारिस वस्तुओं की रिपोर्ट जैसी डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।
कानपुर पुलिस की एंटीरोमियो टीम की सक्रियता पर विशेष कवरेज
सरकारी योजनाओं में बड़ा बदलाव: 1500 रुपये हुई निराश्रित पेंशन
संवाद के दौरान राज्य सरकार की नवीनतम कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा की गई। पुलिस ने बताया कि:
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निराश्रित महिला पेंशन योजना: अब पात्र महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जा रही है (जो पहले 1000 रुपये थी)।
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सामूहिक विवाह योजना: गरीब कन्याओं के विवाह हेतु सरकार द्वारा दी जाने वाली राशि और सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।
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उज्ज्वला योजना 2.0: गैस कनेक्शन के साथ-साथ मिल रहे अन्य लाभों पर चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश की महिला कल्याणकारी योजनाओं की पूरी सूची
कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
थाना बजरिया पुलिस ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, विशेषकर ‘कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से संरक्षण अधिनियम’ और ‘घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम’ के बारे में शिक्षित किया। टीम ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रहा है।
“हमारा लक्ष्य केवल गश्त करना नहीं, बल्कि हर महिला के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। उनकी समस्याओं का त्वरित निस्तारण हमारी प्राथमिकता है।” > — प्रभारी, एंटीरोमियो टीम (थाना बजरिया)
सोशल मीडिया पर भी रहें सतर्क
डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देते हुए व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी सेटिंग्स और साइबर सुरक्षा के टिप्स दिए गए। अंत में, पुलिस टीम ने क्षेत्र की महिलाओं को आश्वासन दिया कि उनकी किसी भी समस्या का पुलिस द्वारा प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
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